पेरियार मणिअम्मई इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PMIST) के पूर्व छात्रों ने अपने कॉलेज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए ₹2 लाख का वाटर प्यूरीफायर दान किया है। यह योगदान संस्थान के विकास कोष में दिया गया है।
- PMCTW के पूर्व छात्रों ने ₹2 लाख की लागत वाला वाटर प्यूरीफायर दान किया।
- यह योगदान संस्थान के 'डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी डेवलपमेंट फंड' में दिया गया है।
- पूर्व छात्र 25 साल पहले इस कॉलेज में पढ़ाई कर चुके हैं।
थांजावुर: शिक्षा और संस्थान के प्रति कृतज्ञता का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए, पूर्व पेरियार मणिअम्मई कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर विमेन (PMCTW) के पूर्व छात्रों ने अपने पुराने शिक्षण संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हाल ही में आयोजित एक पुनर्मिलन (Reunion) कार्यक्रम के दौरान, इन पूर्व छात्रों ने संस्थान के विकास के लिए ₹2 लाख की लागत वाला एक उन्नत वाटर प्यूरीफायर दान किया है।
यह संस्थान अब पेरियार मणिअम्मई इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PMIST) के रूप में जाना जाता है। पूर्व छात्र, जिन्होंने लगभग 25 वर्ष पूर्व इस कॉलेज से अपनी इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की थी, हाल ही में वल्लम स्थित PMIST परिसर में एकत्रित हुए थे। इस अवसर पर उन्होंने न केवल पुरानी यादें ताजा कीं, बल्कि परिसर में एक पौधा भी लगाया, जो उनके संस्थान के प्रति जुड़ाव का प्रतीक है।
संस्थान का विकास और परिवर्तन
गौरतलब है कि PMCTW पहले अन्ना विश्वविद्यालय से संबद्ध एक इंजीनियरिंग कॉलेज था। साल 2007 में, इस संस्थान को 'डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी' का दर्जा दिया गया और इसका नाम बदलकर PMIST कर दिया गया। पूर्व छात्रों का यह योगदान सीधे तौर पर संस्थान के 'डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी डेवलपमेंट फंड' में जमा किया गया है, जिसका उपयोग परिसर की सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए किया जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस प्रकार के दान न केवल भौतिक बुनियादी ढांचे में सुधार करते हैं, बल्कि वर्तमान छात्रों के लिए एक मजबूत प्रेरणा के रूप में भी कार्य करते हैं। जब पूर्व छात्र अपने संस्थान की ओर वापस मुड़ते हैं, तो यह एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बनाता है जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देता है।
संस्थान के प्रति पूर्व छात्रों का यह स्नेह और समर्पण शिक्षा जगत में एक स्वस्थ परंपरा को जन्म देता है।
PMIST प्रबंधन की ओर से, उपाध्यक्ष वी. अंबुराज, प्रो-वाइस चांसलर आर. मल्लिका और रजिस्ट्रार पी. के. श्रीविद्या ने पूर्व छात्रों के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए उनका आभार व्यक्त किया। अधिकारियों के अनुसार, इस सहयोग ने संस्थान के प्रति उनके लगाव और सम्मान को और अधिक मजबूत किया है।
Frequently Asked Questions
1. पूर्व छात्रों ने क्या दान किया है?
पूर्व छात्रों ने संस्थान के विकास कोष के लिए ₹2 लाख की लागत वाला एक वाटर प्यूरीफायर दान किया है।
2. PMCTW अब किस नाम से जाना जाता है?
अब यह संस्थान पेरियार मणिअम्मई इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PMIST) के नाम से जाना जाता है।