फिलिस्तीनी समर्थक कार्यकर्ता महमूद खलील ने कोलंबिया विश्वविद्यालय और उसके डीन पर संस्थागत नस्लवाद और भेदभाव का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है। खलील का दावा है कि विश्वविद्यालय की लापरवाही ने उनके खिलाफ सरकारी कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त किया।

  • महमूद खलील ने कोलंबिया विश्वविद्यालय और SIPA डीन केरीन यारही-मिलो पर मुकदमा किया है।
  • आरोप है कि विश्वविद्यालय ने फिलिस्तीनी छात्रों को लक्षित करने के लिए 'संस्थागत नस्लवाद' का उपयोग किया।
  • मुकदमे में फिलिस्तीन वर्किंग ग्रुप (PWG) के निलंबन को वापस लेने की मांग की गई है।

प्रसिद्ध फिलिस्तीनी समर्थक कार्यकर्ता महमूद खलील ने कोलंबिया विश्वविद्यालय और स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स (SIPA) की डीन केरीन यारही-मिलो के खिलाफ एक ऐतिहासिक मुकदमा दायर किया है। खलील का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने 'संस्थागत नस्लवाद' का सहारा लेकर फिलिस्तीनी छात्रों को निशाना बनाया और उनके खिलाफ भेदभावपूर्ण वातावरण तैयार किया।

यह कानूनी लड़ाई तब शुरू हुई है जब खलील ने हाल ही में अमेरिकी संघीय अदालत में अपनी जीत हासिल की। एक संघीय न्यायाधीश ने पहले ही ट्रंप प्रशासन के उस प्रयास को खारिज कर दिया था जिसमें खलील जैसे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को गाजा में इजरायली युद्ध की आलोचना करने के लिए देश निकाला (deport) देने की कोशिश की गई थी। अदालत ने माना था कि यह कार्रवाई छात्रों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन थी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक छात्र का मुकदमा नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नस्लीय भेदभाव के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करता है। यदि यह मुकदमा सफल होता है, तो यह अमेरिका के प्रमुख विश्वविद्यालयों में छात्र सक्रियता और प्रशासन के व्यवहार के लिए एक नया कानूनी मिसाल कायम कर सकता है।

"कोलंबिया ने जानबूझकर उपेक्षा और भेदभाव के माध्यम से ट्रंप प्रशासन द्वारा मुझे लक्षित करने की जमीन तैयार की।" - महमूद खलील

मुकदमे के अनुसार, खलील और फिलिस्तीन वर्किंग ग्रुप (PWG) को गंभीर भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और पेशेवर नुकसान हुआ है। PWG, जो एक छात्र संगठन है, की गतिविधियों को विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया गया था। शिकायत में दावा किया गया है कि 7 अक्टूबर के बाद से इन छात्रों को 'डॉक्सिंग' (निजी जानकारी सार्वजनिक करना) और धमकियों का सामना करना पड़ा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अप्रैल 2024 में, कोलंबिया विश्वविद्यालय के परिसर में छात्र विरोध प्रदर्शनों की एक लहर शुरू हुई थी। छात्रों ने मांग की थी कि विश्वविद्यालय उन कंपनियों से अपने निवेश वापस ले (divest) ले जो इजरायली सेना से जुड़ी हैं। इस आंदोलन के दौरान 'हिंद हॉल' जैसे प्रतीकात्मक स्थानों का निर्माण हुआ, जो गाजा में मारे गए एक फिलिस्तीनी बच्ची के नाम पर रखा गया था।

Did You Know?: कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्र विरोध प्रदर्शनों ने 2024 में पूरे अमेरिका और अन्य देशों में एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले लिया था।

Frequently Asked Questions

1. महमूद खलील पर क्या आरोप लगाए गए थे?
उन्हें गाजा में इजरायली युद्ध की आलोचना करने और 'हमास के साथ संरेखित' गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।

2. इस मुकदमे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
खलील PWG के निलंबन को हटाने, हर्जाना पाने और परिसर में फिर से प्रवेश पाने की मांग कर रहे हैं।