आईआईटी कानपुर ने 14 दिसंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक चलने वाला चार‑सप्ताह का ऑनलाइन पायथन‑एआई, एमएल और डीप लर्निंग प्रमाणपत्र कार्यक्रम लॉन्च किया। यह कोर्स छात्रों, शिक्षकों, उद्योग पेशेवरों और शोध कर्मचारियों के साथ-साथ 11‑12 कक्षा के उत्कृष्ट छात्रों को भी खुला है।
- चार‑सप्ताह का ऑनलाइन पायथन‑एआई प्रमाणपत्र कार्यक्रम
- व्यावसायिक, चिकित्सा, विज्ञान और इंजीनियरिंग डेटा सेट पर वास्तविक‑प्रोजेक्ट्स
- छात्र, शिक्षक, उद्योग एवं R&D कर्मियों के लिए खुला
कार्यक्रम का अवलोकन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने पायथन का उपयोग करके कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और डीप लर्निंग (डीएल) पर केंद्रित एक प्रमाणपत्र कोर्स शुरू किया है। यह चार‑सप्ताह का कोर्स 14 दिसंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक ऑनलाइन ज़ूम प्लेटफ़ॉर्म पर आयोजित होगा।
कौन आवेदन कर सकता है?
यह कार्यक्रम छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, उद्योग पेशेवरों और अनुसंधान एवं विकास (R&D) कर्मियों के लिए खुला है। साथ ही, मेरिट‑आधारित 11वीं‑12वीं कक्षा के उत्कृष्ट छात्रों को भी इस कोर्स में भाग लेने की अनुमति है। इच्छुक उम्मीदवार संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट iitk.ac.in पर पंजीकरण शुल्क का भुगतान करके आवेदन कर सकते हैं।
पाठ्यक्रम सामग्री
कोर्स में प्रतिभागी NumPy, Matplotlib, Pandas, Scikit‑learn, TensorFlow और Keras जैसी प्रमुख पायथन लाइब्रेरीज़ के साथ काम करेंगे। वास्तविक‑विश्व डेटा सेट (व्यापार, चिकित्सा, विज्ञान और इंजीनियरिंग) पर प्रोजेक्ट‑आधारित सीखने के माध्यम से एआई/एमएल एल्गोरिदम और न्यूरल नेटवर्क की गहरी समझ विकसित की जाएगी।
शिक्षण विधि
सत्र शाम और सप्ताहांत में निर्धारित किए जाएंगे, जिससे कामकाजी पेशेवर और छात्र दोनों आसानी से भाग ले सकें। कोई पूर्व प्रोग्रामिंग अनुभव आवश्यक नहीं है; केवल पायथन स्थापित लैपटॉप और Anaconda या Spyder जैसे IDE की आवश्यकता होगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले दशक में भारत में एआई और डेटा साइंस शिक्षा की माँग में तीव्र वृद्धि देखी गई है। आईआईटी कानपुर ने 2019 में अपने पहले डेटा साइंस कार्यशाला से शुरू करके क्रमशः उन्नत प्रमाणपत्र कोर्स लॉन्च किए हैं, जिससे उद्योग में कुशल पेशेवरों की कमी को पूरा करने का लक्ष्य रहा है। यह नया पायथन‑एआई कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the rapid rollout of such specialized certificates by premier institutes like IIT Kanpur is reshaping India's talent pipeline, directly feeding the burgeoning AI startup ecosystem and enhancing the country's global tech competitiveness.
"उच्च‑गुणवत्ता वाले ऑनलाइन प्रमाणपत्रों से न केवल प्रतिभागियों की रोजगार संभावनाएँ बढ़ती हैं, बल्कि राष्ट्रीय एआई नवाचार को भी गति मिलती है," प्रो. अनीता सिंह, एआई विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इस प्रमाणपत्र को पूरा करने के बाद कोई मान्यता प्राप्त डिग्री मिलती है?
उत्तर: यह एक पेशेवर प्रमाणपत्र है जो आईआईटी कानपुर द्वारा जारी किया जाता है और उद्योग में व्यापक रूप से मान्य है, लेकिन यह डिग्री नहीं है।
प्रश्न 2: क्या इस कोर्स में भाग लेने के लिए कोई पूर्व पायथन ज्ञान आवश्यक है?
उत्तर: नहीं, कोर्स शुरुआती‑स्तर से शुरू होता है; केवल पायथन स्थापित लैपटॉप की आवश्यकता है।