अभिनेता विजय सेतुपति ने अपने बचपन के कठिन दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने अपने पिता के साथ कर्जदारों का सामना किया और दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवन चलाया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- विजय सेतुपति ने अपने बचपन के आर्थिक संघर्षों और दिहाड़ी मजदूरी के दिनों को साझा किया।
- उन्होंने बताया कि कैसे वे अपने पिता के साथ घर आए कर्जदारों का सामना करते थे।
- एक अकाउंटेंट और सेल्समैन से लेकर भारतीय सिनेमा के सबसे महंगे अभिनेताओं में से एक बनने तक का सफर।
- उनकी सफलता के पीछे परिवार को सहारा देने की अटूट इच्छाशक्ति रही है।
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता विजय सेतुपति, जिन्हें आज उनकी बहुमुखी प्रतिभा और शानदार अभिनय के लिए जाना जाता है, का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान, उन्होंने अपने उन दिनों को याद किया जब सफलता केवल एक दूर का सपना थी और जीवन केवल जीवित रहने का एक संघर्ष था।
गरीबी और संघर्ष के दिन
राजपालयम में जन्मे और चेन्नई के एननोर में पले-बढ़े सेतुपति ने बताया कि उनका बचपन अभावों में बीता। उन्होंने खुलासा किया कि स्कूल के दिनों में वे केवल पढ़ाई नहीं करते थे, बल्कि अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए दिहाड़ी मजदूरी भी करते थे। उन्होंने टेलीफोन बूथ में काम करने से लेकर रिटेल स्टोर में सेल्समैन और फास्ट फूड जॉइंट में कैशियर तक के काम किए।
पिता का साथ और कर्जदारों का सामना
सेतुपति का सबसे भावुक क्षण वह था जब उन्होंने अपने पिता के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने याद किया, "जब कर्जदार घर आते थे, तो मैं अपने पिता के बगल में ही बैठता था। मैं उस स्थिति का सामना करता था।" उनके लिए यह केवल आर्थिक संकट नहीं था, बल्कि अपने पिता के सम्मान की रक्षा करने का एक संकल्प था। उन्होंने अपने पिता की एक साधारण सी आदत को भी याद किया—रात को बुलेट पर घर आना और साथ मिलकर फ्राइड राइस खाना। यह छोटी सी याद उनके लिए आज भी किसी बड़े पुरस्कार से बढ़कर है।
शून्य से शिखर तक का सफर
सेतुपति का करियर सीधे फिल्मों से शुरू नहीं हुआ। वाणिज्य स्नातक (B.Com) करने के बाद, उन्होंने सीमेंट व्यवसाय में अकाउंट असिस्टेंट के रूप में काम किया और बाद में दुबई में भी अकाउंटेंट रहे। उनके अभिनय की शुरुआत थिएटर और लघु फिल्मों से हुई, लेकिन 'Thenmerku Paruvakaatru' जैसी फिल्मों ने उन्हें पहचान दिलाई। आज, 48 वर्ष की आयु में, वे न केवल एक सफल अभिनेता हैं, बल्कि भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक हैं।