गुजरात के सूरत में 7 जुलाई को हुई भारी बारिश से जल स्तर बढ़ा, जिससे कई इलाकों में बाढ़ आई। जिला कलेक्टर तेजस पार्मार के अनुसार, ₹18 करोड़ की राहत राशि वितरित की गई, जिसमें 53,999 व्यक्तियों को नकद मदद और 26,313 घरों को अन्य सहायता मिली।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों को ₹18 करोड़ की कुल राहत राशि दी
  • 53,999 व्यक्तियों को ₹4.85 करोड़ नकद मदद मिली
  • 26,313 घरों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की गई

7 जुलाई को सूरत में 14 इंच तक बारिश ने मीठी और भेदवाड़ नदियों के जलस्तर को तेज़ी से बढ़ा दिया, जिससे शहर के कई हिस्सों में गंभीर बाढ़ आई। जल स्तर में गिरावट 9 जुलाई से शुरू हुई, परन्तु तब तक क्षति का दायरा व्यापक था।

सरकारी राहत की विस्तृत जानकारी

जिला कलेक्टर तेजस पार्मार ने बताया कि बाढ़ के बाद अब तक ₹18 करोड़ की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। इस राशि में ₹4.85 करोड़ नकद सहायता के रूप में 53,999 व्यक्तियों को दी गई, जबकि शेष राशि 26,313 प्रभावित घरों को विभिन्न प्रकार की सहायता के तौर पर दी गई।

मुख्य प्रभावित क्षेत्र और चल रही सर्वेक्षण

लिम्बायत, दिंदोली, वराचह, उधना, सचिन, सिमादा, लस्काना, सार्थना आदि क्षेत्रों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत की यात्रा की और जिला प्रशासन को सर्वेक्षण तेज़ करने तथा सभी प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने कहा, "सर्वेक्षण जारी है और लाभार्थियों की संख्या बढ़ सकती है।"

टेक्सटाइल उद्योग पर असर

सूरत की धागा उद्योग को भी इस बाढ़ ने कड़ी टक्कर दी। उद्योग के सूत्रों के अनुसार सैकड़ों पावरलूम फैक्ट्री को नुकसान हुआ, कई कारखानों में जल प्रवेश कर गया। लिम्बायत में स्थित एसके नगर इंडस्ट्रीज के मालिक विराज पटेल ने कहा, "मेरे 60 मशीनों वाले कारखाने में जल प्रवेश से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।"

भविष्य की तैयारी और पर्यावरणीय पहल

गुजरात सरकार ने सूरत के व्यापारियों के लिए एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है और उद्योगों के नुकसान का हिसाब‑किताब करने की प्रक्रिया चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक वर्षा की आवृत्ति बढ़ रही है, इसलिए भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए नदियों के पुनरुद्धार, जल निकासी प्रणाली का आधुनिकीकरण और सतत शहरी योजना आवश्यक होगी।

सूरत की स्थानीय व्यापार संघ, फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन, शनिवार को कलेक्टर से मुलाकात का इरादा रखता है, ताकि टेक्सटाइल व्यापारियों के लिए दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।