मेट ऑफिस ने चेतावनी दी है कि विकसित हो रहा एल नीनो पैटर्न 'जीवित स्मृति में सबसे शक्तिशाली' हो सकता है, जिससे 2027 दुनिया का सबसे गर्म वर्ष बन सकता है।

वीडियो लोड हो रहा है...
  • एल नीनो का प्रभाव 19वीं शताब्दी के बाद का सबसे शक्तिशाली हो सकता है।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार 2027 रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का साल बन सकता है।
  • इससे भारत में मानसून और वैश्विक मौसम चक्र पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है।

प्रशांत महासागर के ऊपर विकसित हो रहा एल नीनो (El Niño) मौसम का एक ऐसा चक्र है जो न केवल वैश्विक तापमान को बढ़ाएगा, बल्कि दुनिया भर में चरम मौसम की घटनाओं के जोखिम को भी बढ़ा देगा। यूके के मेट ऑफिस (Met Office) ने चेतावनी दी है कि यह घटना 'अभूतपूर्व' है और संभवतः मानव इतिहास में अब तक की सबसे शक्तिशाली घटनाओं में से एक होगी।

जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन और इस शक्तिशाली प्राकृतिक घटना के मिलन से 2027 आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे गर्म वर्ष बन सकता है। वर्तमान में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 2°C अधिक है, और अनुमान है कि यह इस वर्ष के अंत तक 3°C से अधिक हो सकता है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि एल नीनो केवल एक समुद्री घटना नहीं है, बल्कि यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है। जब प्रशांत महासागर में गर्म पानी फैलता है, तो यह वायुमंडल में भारी मात्रा में गर्मी छोड़ता है, जिससे वर्षा के पैटर्न पूरी तरह बदल जाते हैं।

"मैंने अपने पूर्वानुमानों में कभी भी एल नीनो का इतना तीव्र संकेत नहीं देखा है," प्रो. एडम स्काइफ ने कहा।

इस घटना के प्रभाव दुनिया भर में देखे जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, भारत में मानसून की बारिश औसत से कम रही है, जबकि अटलांटिक महासागर में तूफान (Hurricanes) की गतिविधि कम हो गई है। इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया में सूखे और पेरू एवं संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

एल नीनो एक प्राकृतिक घटना है जो आमतौर पर हर दो से सात साल में होती है। यह तब होता है जब व्यापारिक हवाएं (Trade winds) कमजोर हो जाती हैं, जिससे गर्म पानी पूर्व की ओर बहने लगता है। 1950 के बाद से दर्ज किए गए आंकड़ों की तुलना में, वर्तमान तापमान में वृद्धि अभूतपूर्व है। कुछ वैज्ञानिकों का तो यहाँ तक कहना है कि यह पिछले 500 या 1,000 वर्षों में सबसे शक्तिशाली घटना हो सकती है।

क्षेत्रसंभावित प्रभाव
दक्षिण एशिया (भारत)कम मानसून और सूखा
ऑस्ट्रेलियासूखा और जंगल की आग
पेरू और इक्वाडोरभारी बाढ़
यूके और उत्तर-पश्चिमी यूरोपतूफानी और गीला मौसम
Did You Know?: एल नीनो के दौरान समुद्र की गहराई में तापमान सामान्य से 8°C तक अधिक हो सकता है, जो इस घटना को 'सुपरचार्ज' करने के लिए ईंधन का काम करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. एल नीनो क्या है? यह प्रशांत महासागर में होने वाली एक प्राकृतिक मौसम घटना है जिसमें समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है।

2. क्या इससे भारत पर असर पड़ेगा? हाँ, एल नीनो के कारण भारत में मानसून की बारिश कम हो सकती है, जिससे कृषि पर बुरा प्रभाव पड़ता है।