दक्षिण चेन्नई के ओएमआर कॉरिडोर के निवासियों और 50 से अधिक संगठनों ने प्रस्तावित मामल्लन जलाशय परियोजना को रद्द करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यह परियोजना पारिस्थितिक आपदा का कारण बनेगी और बाढ़ के खतरे को बढ़ाएगी।

  • 50 से अधिक संगठनों और 1,100 नागरिकों ने मुख्यमंत्री को याचिका भेजी।
  • स्थानीय निवासियों को डर है कि परियोजना कोवलम-नेम्मेलि साल्ट मार्श को नष्ट कर देगी।
  • परियोजना से 200 से अधिक पक्षी प्रजातियों के आवास को खतरा है।
  • निवासियों ने पाइप से जलापूर्ति और वर्षा जल संचयन पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की है।

दक्षिण चेन्नई के ओएमआर (OMR) कॉरिडोर के निवासियों ने सरकार की प्रस्तावित मामल्लन जलाशय परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 50 से अधिक नागरिक कल्याण संघों और लगभग 1,100 स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत याचिका सौंपकर इस परियोजना को तुरंत रद्द करने की मांग की है।

परियोजना का उद्देश्य ओएमआर क्षेत्र की पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करना है, लेकिन स्थानीय समुदायों का मानना है कि इसकी कीमत पर्यावरण को चुकानी पड़ेगी। निवासियों का कहना है कि यह परियोजना कोवलम-नेम्मेलि साल्ट मार्श (Kovalam-Nemmeli salt marsh) के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे स्थानीय आजीविका और जैव विविधता पर संकट मंडराएगा।

पर्यावरण और बाढ़ का खतरा

स्थानीय निवासी भुवाना राज के अनुसार, यह क्षेत्र पहले से ही जल संकट से जूझ रहा है, लेकिन समाधान के नाम पर एक 'पारिस्थितिक आपदा' लाने की कोशिश की जा रही है। प्रस्तावित जलाशय से न केवल 200 से अधिक स्थानीय और प्रवासी पक्षी प्रजातियों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो जाएगा, बल्कि यह क्षेत्र के जल निकासी पैटर्न को भी बदल देगा।

FOMRRA के सह-संस्थापक हर्षा कोडा ने चेतावनी दी है कि ओएमआर के आवासीय क्षेत्र पहले से ही पल्लिकरनई दलदल (Pallikaranai marshland) और नेम्मेलि वेटलैंड्स के बीच स्थित हैं। जलाशय बनने से शोलिंगनल्लुर, पेरुंबाक्कम, नवलूर, सिरुसेरी और थलमबुर जैसे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

पारिस्थितिक संतुलन को बिगाड़कर किया गया विकास अंततः प्राकृतिक आपदाओं को निमंत्रण देना है।

BozokMedia विश्लेषण

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी बुनियादी ढांचे के विकास और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच का संघर्ष चेन्नई जैसे तटीय शहरों में गहराता जा रहा है। सरकार द्वारा प्रस्तावित समाधान अक्सर दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता की अनदेखी करते हैं, जिससे भविष्य में बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि सरकार मौजूदा जलाशयों की सुरक्षा करने, अतिक्रमण रोकने और वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने एक पारदर्शी जल आवंटन नीति और वैज्ञानिक रूप से नियोजित पेयजल परियोजनाओं की भी मांग की है जो वेटलैंड्स को नुकसान न पहुंचाएं।

Did You Know?: कोवलम-नेम्मेलि क्षेत्र पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो उनके प्रवास के दौरान यहाँ विश्राम करती हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: स्थानीय निवासी इस परियोजना का विरोध क्यों कर रहे हैं?
उत्तर: निवासियों को डर है कि जलाशय से कोवलम-नेम्मेलि साल्ट मार्श नष्ट हो जाएगा, बाढ़ का खतरा बढ़ेगा और पक्षियों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचेगा।

प्रश्न 2: निवासियों ने सरकार को क्या विकल्प सुझाए हैं?
उत्तर: उन्होंने मौजूदा जल निकायों की सुरक्षा, अतिक्रमण रोकने, वर्षा जल संचयन और पाइप के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है।