अनंत अंबानी के स्वामित्व वाले वंतारा वन्यजीव केंद्र ने अपने संचालन को पूरी तरह से बदलने और विदेशी जानवरों के आयात पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम वैश्विक विशेषज्ञों की आलोचना और संरक्षण संबंधी चिंताओं के बाद उठाया गया है।

  • वंतारा ने विदेशी जानवरों के आयात पर जून 2027 तक रोक लगा दी है।
  • CITES के पूर्व प्रमुख जॉन स्कैनलन को नई गवर्निंग काउंसिल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • केंद्र अब जानवरों को लाने के बजाय उनके मूल देशों में संरक्षण कार्यों (In-situ) पर ध्यान केंद्रित करेगा।

भारत के जामनगर में स्थित वंतारा, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा पशु बचाव केंद्र कहा जाता है, ने अपने संचालन में एक व्यापक 'रीसेट' की घोषणा की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अनंत अंबानी द्वारा स्थापित यह विशाल वन्यजीव सुविधा अब जानवरों के वैश्विक आयात के बजाय उनके प्राकृतिक आवासों में संरक्षण प्रदान करने की दिशा में काम करेगी।

यह निर्णय तब लिया गया है जब वंतारा के संचालन, विशेष रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों के तेजी से अधिग्रहण और आयात प्रक्रियाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठाए गए थे। CITES (लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन) के पूर्व प्रमुख जॉन स्कैनलन को इस नए बदलाव का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया है। स्कैनलन अब वंतारा की नई गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता करेंगे, जिसके पास जानवरों के अधिग्रहण संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लेने का अधिकार होगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वंतारा का यह रणनीतिक बदलाव निजी वन्यजीव संरक्षण के भविष्य के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। अब तक, वंतारा का मॉडल जानवरों को उनके मूल स्थान से हटाकर भारत लाने पर केंद्रित था, लेकिन अब यह 'इन-सिटू' (In-situ) यानी जानवरों को उनके प्राकृतिक परिवेश में ही बचाने की दिशा में मुड़ रहा है।

"वंतारा अब इस बात से नहीं आंका जाएगा कि कितने जानवर यहाँ आते हैं, बल्कि इस बात से कि कितने जानवरों को उनके प्राकृतिक घर में बचाया गया।" - विवाण करानी, CEO, वंतारा

जामनगर स्थित यह 3,500 एकड़ का परिसर, जिसे 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित किया गया था, वर्तमान में 260 से अधिक एशियाई हाथियों, बाघों, शेरों और मगरमच्छों का घर है। वंतारा ने स्पष्ट किया है कि उसने जून 2027 तक जीवित जानवरों के आयात के सभी लंबित आवेदनों को वापस ले लिया है और एक स्वैच्छिक अधिस्थगन (Moratorium) लागू किया है।

इस नए अध्याय के तहत, वंतारा अब ब्राजील में स्पिक्स के मैकाओ (Spix's macaws) जैसे दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण से लेकर कांगो, केन्या और इंडोनेशिया में हाथी देखभाल केंद्रों तक सहायता प्रदान करेगा। यह कदम वंतारा की छवि को एक 'पशु संग्रहकर्ता' से बदलकर एक 'वैश्विक संरक्षण भागीदार' के रूप में स्थापित करने का प्रयास है।

Did You Know?: वंतारा के पास दुनिया का सबसे बड़ा समर्पित हाथी अस्पताल है, जो एशियाई हाथियों की देखभाल के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।

Frequently Asked Questions

1. वंतारा ने आयात पर रोक क्यों लगाई है?
विदेशी प्रजातियों के आयात की प्रक्रियाओं और संरक्षण के तरीकों को लेकर उठ रही वैश्विक चिंताओं और CITES की सिफारिशों के जवाब में यह निर्णय लिया गया है।

2. जॉन स्कैनलन की भूमिका क्या है?
वे वंतारा की नई गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष होंगे, जो जानवरों के अधिग्रहण और संचालन के लिए सख्त नियम और नीतियां बनाएंगे।