केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निरीक्षण में एलोर के एडयार औद्योगिक क्षेत्र में गंध नियंत्रण प्रणालियों के रखरखाव में भारी लापरवाही सामने आई है। सात इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं।

  • केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एडयार औद्योगिक क्षेत्र में निरीक्षण किया।
  • बोन मील, चिकन वेस्ट और रबर प्रोसेसिंग इकाइयों में गंध नियंत्रण प्रणालियों में खामियां मिलीं।
  • सात औद्योगिक इकाइयों को वायु प्रदूषण अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए गए।
  • निरीक्षण में खराब हाउसकीपिंग और कच्चे माल के भंडारण में कमी भी पाई गई।

केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण निगरानी केंद्र द्वारा एलोर के एडयार औद्योगिक क्षेत्र में किए गए हालिया निरीक्षणों ने गंभीर चिंताजनक तथ्य उजागर किए हैं। बोन मील इकाइयों, चिकन वेस्ट रेंडरिंग प्लांट और रबर प्रसंस्करण इकाइयों में गंध नियंत्रण प्रणालियों की दक्षता की जांच के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि उत्सर्जन नियंत्रण इकाइयां बेहद खराब स्थिति में हैं और मौजूदा बायोफिल्टर इकाइयों के रखरखाव में भारी कमी है।

बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, 1 सितंबर, 2026 तक, निरीक्षण किए गए 20 औद्योगिक निकायों में से सात इकाइयों को वायु (प्रदूषण का रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई एलोर नगर पालिका और कडंगल्लूर पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पर्यावरणविदों द्वारा की गई मांग के बाद की गई है, जिन्होंने प्रदूषण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि औद्योगिक क्षेत्रों में गंध और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOCs) का अनियंत्रित उत्सर्जन न केवल स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि यह पारिस्थितिकी तंत्र को भी असंतुलित करता है। यदि इन इकाइयों में बायोफिल्टर का सही ढंग से संचालन नहीं किया जाता है, तो यह वायु गुणवत्ता के मानकों का सीधा उल्लंघन है।

प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों का केवल होना पर्याप्त नहीं है; उनका निरंतर और वैज्ञानिक रूप से सही रखरखाव ही पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि बायोफिल्ट्रेशन की दक्षता में कमी का मुख्य कारण भरने वाली सामग्री (filling material) का गलत चयन और बायोफिल्टर का खराब संचालन है। इसके अलावा, कई इकाइयों में हाउसकीपिंग के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कच्चे माल के भंडारण के लिए पर्याप्त सुविधाएं, उचित वेंटिलेशन और रेफ्रिजरेशन सिस्टम की भी भारी कमी देखी गई।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सितंबर 2023 में, CSIR-राष्ट्रीय अंतरविषयक विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (NIIST) की एक अध्ययन रिपोर्ट ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इन इकाइयों से कच्चे माल के प्रसंस्करण के दौरान गंध और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों का उत्सर्जन हो रहा है। यह रिपोर्ट औद्योगिक परिचालन की खराब दक्षता को प्रदूषण का मुख्य कारण बताती थी।

क्या आप जानते हैं?: बायोफिल्टर एक ऐसी तकनीक है जो सूक्ष्मजीवों का उपयोग करके हवा से गंध और प्रदूषकों को सोख लेती है, लेकिन गलत सामग्री के उपयोग से यह पूरी तरह विफल हो सकती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: किन इकाइयों को नोटिस जारी किया गया है?
उत्तर: बोन मील, चिकन वेस्ट रेंडरिंग और रबर प्रोसेसिंग जैसी इकाइयों में खामी पाए जाने पर सात इकाइयों को नोटिस दिया गया है।

प्रश्न 2: प्रदूषण का मुख्य कारण क्या पाया गया?
उत्तर: मुख्य कारण बायोफिल्टर का गलत संचालन, खराब रखरखाव और कच्चे माल के भंडारण के लिए उचित व्यवस्था का अभाव है।