नेपाली सेना के सहयोग से भारतीय बचाव दल ने चिलिमे टनल में जल निकासी हेतु गहरी खुदाई की और भारी उपकरणों के लिए अस्थायी ट्रैक बिछाया। यह कदम बाढ़ से बँधे सैकड़ों लोगों की त्वरित खोज को तेज़ कर सकता है।

  • भारतीय टीम ने चिलिमे टनल में जल निकासी के लिए गहरी खुदाई की
  • भारी उपकरण लाने हेतु टनल के भीतर अस्थायी ट्रैक तैयार किया गया
  • हजारों लोगों की खोज में राहत कार्य तेज़ हो रहा है

नेपाली सेना के साथ मिलकर भारतीय टनल बचाव दल रासुवा जिले के चिलिमे टनल में गहरी खुदाई कर रहा है, जहाँ अगस्त 26 को आए ध्वस्त बाढ़ ने बड़े पैमाने पर क्षति पहुँचाई। टनल के भीतर जमा पानी को निकालने के बाद, अब भारी मशीनरी को ले जाने के लिए अस्थायी ट्रैक बिछाया गया है, जिससे बचाव कार्य की गति बढ़ेगी।

अगस्त के विनाशकारी बाढ़ में 1,344 लोगों की मौत हुई और 4,898 लोग लापता हैं। बाढ़ ने घर, सड़क, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को बर्बाद कर दिया, जिसमें चिलिमे हाइड्रोपावर साइट भी शामिल है। नेशनल डिसास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार 32,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

भारतीय दूतावास के प्रमुख नेवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर बताया कि टीम ने टनल में जल निकासी की और स्थानीय समुदाय के लिए स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया। यह सहयोग भारत-नेपाल दोस्तोत्‍व को मजबूत करने के साथ ही क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन में नई मिसाल कायम कर रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि टनल में जल निकासी और अस्थायी ट्रैक की स्थापना न केवल बचाव कार्य को तेज़ करती है, बल्कि भविष्य में समान आपदा के जोखिम को कम करने के लिए तकनीकी क्षमताओं को भी सुदृढ़ करती है।

"चिलिमे टनल में तेज़ी से जल निकासी से बचाव टीम को सैकड़ों संभावित जीवित लोगों तक पहुँचने में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा," कहा एक आपदा विशेषज्ञ ने।
Did You Know?: चिलिमे टनल के पास स्थित बोटेकोशी नदी ने बाढ़ के दौरान अपनी सामान्य प्रवाह क्षमता से 15 गुना अधिक पानी ले जाकर बाढ़ को तीव्र बना दिया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: अब तक टनल में कितने लोग खोजे जा चुके हैं?

उत्तर: अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन टीम जल निकासी के बाद गहरी खुदाई जारी रखेगी।

प्रश्न 2: भारत की मदद से कौन‑सी नई तकनीकें इस्तेमाल हो रही हैं?

उत्तर: अस्थायी ट्रैक, हाई‑ड्यूटी पंप और पोर्टेबल जल निकासी उपकरण प्रमुख हैं।