भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने चेतावनी दी है कि प्रस्तावित हेब्बल भूमिगत सुरंग से लालबाग बॉटनिकल गार्डन की 3 अरब साल पुरानी 'पेनिनसुलर ग्नीस' चट्टान को भारी नुकसान हो सकता है। रिपोर्ट में भूजल स्तर गिरने और चट्टानों में दरारें आने की गंभीर आशंका जताई गई है।
- GSI ने कर्नाटक उच्च न्यायालय को 27 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी।
- हेब्बल सुरंग के निर्माण से 3 अरब साल पुरानी चट्टान के टूटने का खतरा।
- भूजल स्तर में गिरावट और लालबाग झील के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान की चेतावनी।
बेंगलुरु: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने कर्नाटक उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि प्रस्तावित 16.7 किलोमीटर लंबी हेब्बल भूमिगत सुरंग परियोजना बेंगलुरु के ऐतिहासिक लालबाग बॉटनिकल गार्डन के भीतर स्थित 3 अरब साल पुरानी 'पेनिनसुलर ग्नीस' (Peninsular Gneiss) चट्टान संरचना के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
यह चेतावनी अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश बेलवाड़ी द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में दी गई है। GSI द्वारा प्रस्तुत 27 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरंग बनाने वाली मशीनों (TBM) के लिए शाफ्ट खोदने की प्रक्रिया इस प्राचीन चट्टान के बेहद करीब होगी।
तकनीकी और पर्यावरणीय जोखिम
GSI के विश्लेषण के अनुसार, निर्माण के दौरान होने वाले कंपन और तनाव के पुनर्वितरण से इस प्राचीन चट्टान में नई दरारें पड़ सकती हैं या मौजूदा दरारें और चौड़ी हो सकती हैं। यह चट्टान न केवल एक भूवैज्ञानिक स्मारक है, बल्कि पृथ्वी के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
रिपोर्ट में एक और चिंताजनक पहलू का उल्लेख किया गया है: निर्माण कार्य से क्षेत्र का भूजल स्तर (Groundwater table) गिर सकता है। इससे लालबाग झील और आसपास के एक्विफर्स (aquifers) के प्रवाह मार्ग बदल सकते हैं, जिसका सीधा असर क्षेत्र की स्थिरता और पारिस्थितिकी पर पड़ेगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह मामला केवल बुनियादी ढांचे के विकास बनाम पर्यावरण संरक्षण का नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक भूवैज्ञानिक विरासत को बचाने की लड़ाई है। यदि यह प्राचीन चट्टान क्षतिग्रस्त होती है, तो यह वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अपूरणीय क्षति होगी।
प्राचीन भूवैज्ञानिक संरचनाओं के पास भारी मशीनरी का उपयोग पारिस्थितिक संतुलन को स्थायी रूप से बिगाड़ सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले राज्य सरकार ने 'कर्नाटक सरकार पार्क (संरक्षण) अधिनियम, 1975' में संशोधन करने का प्रयास किया था ताकि पार्कों की 5% भूमि का उपयोग किया जा सके, लेकिन भारी विरोध के बाद कैबिनेट को यह निर्णय वापस लेना पड़ा था।
Frequently Asked Questions
1. हेब्बल सुरंग क्या है?
यह बेंगलुरु में यातायात को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित 16.7 किमी लंबी एक भूमिगत सुरंग परियोजना है।
2. GSI की मुख्य चिंता क्या है?
GSI का मानना है कि सुरंग निर्माण से कंपन के कारण लालबाग की प्राचीन चट्टान टूट सकती है और भूजल स्तर गिर सकता है।