गुडालुर के ओ’वैली में दो लोगों की मौत का कारण बना बाघ अभी भी फरार है। वन विभाग ने खोज को मुडुमलई टाइगर रिज़र्व तक विस्तारित किया और गाँवों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए हैं।

  • खोज को मुडुमलई टाइगर रिज़र्व और कर्गुड़ी‑सिंगारा क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया।
  • दोनों वन विभागों के सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त पिंजरा स्थापित किया गया।
  • ग्रामों की सुरक्षा के लिए वॉचर, ड्रोन निगरानी और स्कूल यात्राओं की व्यवस्था की गई।

बाघ का पीछा और विस्तारित खोज अभियान

गुडालुर वन विभाग ने अगस्त में ओ’वैली में दो लोगों की मृत्यु का कारण बना बाघ को पकड़ने के लिए खोज को 26वें दिन तक जारी रखा। बाघ की उपस्थिति के संकेत सीमित रहने के कारण विभाग ने मुडुमलई टाइगर रिज़र्व (MTR) के पड़ोसी कर्गुड़ी और सिंगारा वन क्षेत्रों में भी गश्त बढ़ा दी है।

तकनीकी सलाहकार समिति की बैठक

रविवार को राष्ट्रीय टाइगर संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशानिर्देशों के तहत गठित तकनीकी सलाहकार समिति ने डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (गुडालुर) पी. देवराज के नेतृत्व में बाघ पकड़ने की रणनीति पर चर्चा की। समिति ने बाघ के संभावित मार्ग को देखते हुए दोनों वन विभागों की सीमा पर नया पिंजरा रखने का निर्णय लिया।

स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम

विभाग ने ओ’वैली के प्रत्येक गाँव में फील्ड स्टाफ तैनात कर निवासियों की सुरक्षा की निगरानी शुरू की। चाय और कॉफ़ी बागानों में वॉचर नियुक्त किए गए, जबकि कॉफ़ी बागानों में बाघ के छिपने की संभावना को देखते हुए कर्मचारियों को वहां से दूर रहने का निर्देश दिया गया। ड्रोन कैमरों को न केवल बाघ की खोज में, बल्कि गाँवों के परिधि की निरंतर निगरानी के लिए भी उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, स्कूल छात्रों की घर‑से‑स्कूल यात्रा के लिए विशेष परिवहन की व्यवस्था की गई।

संरक्षण विशेषज्ञों की प्रशंसा

बाघ को अभी तक नहीं पकड़ा गया है, परंतु वन विभाग की विस्तृत प्रक्रियाओं को संरक्षण विशेषज्ञों ने सराहा है। पिछले हमले (21 अगस्त) के बाद से कोई पशु हत्या या मानव‑बाघ टकराव दर्ज नहीं हुआ है, जिससे विभाग की रोकथाम रणनीति की प्रभावशीलता सिद्ध होती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गुडालुर और निकटवर्ती क्षेत्रों में पिछले दशक में कई बाघ देखे गये हैं, लेकिन 2019 के बाद से यहाँ बाघ-मानव टकराव अत्यंत कम रहा है। 2022 में एक बाघ ने समान क्षेत्र में दो किसान को मारा था, जिससे स्थानीय समुदाय में सतर्कता बढ़ी। इस इतिहास ने वर्तमान में वन विभाग को अधिक सतर्क और व्यवस्थित कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the coordinated use of technology and community engagement in O’Valley sets a precedent for wildlife conflict mitigation across India, balancing conservation goals with human safety.

"ड्रोन निगरानी और स्थानीय वॉचर की व्यवस्था बाघ‑मानव टकराव को रोकने में गेम‑चेंजर साबित हो सकती है," कहा वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. अनन्या राव।
Did You Know?: मुडुमलई टाइगर रिज़र्व भारत के सबसे बड़े बाघ अभयारण्यों में से एक है, जिसमें लगभग 250 बाघ रहते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: बाघ के पुनः हमले को रोकने के लिए कौन‑से कदम उठाए जा रहे हैं?

उत्तर: वन विभाग ने गांवों में वॉचर नियुक्त किए हैं, ड्रोन के माध्यम से निरंतर निगरानी की जा रही है, और बाघ के संभावित मार्गों को सीमित करने के लिए अतिरिक्त पिंजरे स्थापित किए गए हैं।

प्रश्न 2: इस अभियान में ड्रोन का उपयोग कैसे किया जा रहा है?

उत्तर: ड्रोन का उपयोग बाघ के संभावित स्थान की पहचान, गाँवों की सीमा की निगरानी, और त्वरित प्रतिक्रिया हेतु रीयल‑टाइम वीडियो फ़ीड प्रदान करने में किया जा रहा है।