Meta की भुगतान सेवा ने जुलाई में 167.89 मिलियन UPI लेनदेन, कुल ₹12,957.07 crore की कीमत पर प्रोसेस किए, जिससे यह आयतन के आधार पर आठवाँ सबसे बड़ा UPI ऐप बन गया। यह वृद्धि WhatsApp Pay को Cred और Amazon Pay से आगे ले गई।
मुख्य बिंदु
- WhatsApp Pay ने जुलाई में 167.89 मिलियन UPI लेनदेन प्रोसेस किए
- कुल लेनदेन मूल्य ₹12,957.07 crore
- आयतन के आधार पर यह आठवाँ सबसे बड़ा UPI ऐप बना
WhatsApp Pay का तेज़ उछाल
Meta की भुगतान प्लेटफ़ॉर्म, WhatsApp Pay, ने जुलाई में 167.89 मिलियन UPI लेनदेन पूरे किए, जो पिछले महीने की तुलना में लगभग दो गुना है। इस वृद्धि ने इसे भारत के शीर्ष UPI ऐप्स में आठवाँ स्थान दिलाया, जबकि Cred और Amazon Pay को पीछे छोड़ दिया।
वॉल्यूम और मूल्य का विश्लेषण
इन लेनदेन की कुल राशि लगभग ₹12,957.07 crore तक पहुंची, जो डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में Meta की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उपयोगकर्ता‑मैत्री इंटरफ़ेस और WhatsApp की व्यापक पहुँच इस सफलता के मुख्य कारक हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that WhatsApp Pay’s surge signals a shift in consumer preference toward integrated messaging‑based wallets, potentially reshaping competition among Indian fintech giants.
"WhatsApp Pay का तेज़ विकास दर्शाता है कि उपयोगकर्ता सरलता और भरोसे को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे पारंपरिक बैंकों को नई रणनीतियों अपनानी पड़ेंगी," कहते हैं वित्तीय विश्लेषक अनीता शर्मा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
UPI (Unified Payments Interface) को 2016 में लॉन्च किया गया था और तब से भारत में डिजिटल भुगतान का मुख्य धारा बन गया है। 2020‑2023 के दौरान, Paytm, PhonePe, और Google Pay ने बाजार में प्रमुख हिस्सेदारी रखी, जबकि WhatsApp Pay 2022 में आधिकारिक तौर पर शुरू हुआ।
Frequently Asked Questions
WhatsApp Pay की फीस संरचना क्या है? वर्तमान में, WhatsApp Pay अधिकांश व्यक्तिगत लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं लेता, लेकिन व्यापारियों के लिए अलग शुल्क लागू हो सकता है।
क्या WhatsApp Pay सभी भारतीय बैंकों के साथ काम करता है? हाँ, अधिकांश प्रमुख बैंकों के साथ इंटीग्रेशन उपलब्ध है, जिससे उपयोगकर्ता आसानी से अपने मौजूदा बैंक खातों को लिंक कर सकते हैं।