तेलंगाना EAGLE फोर्स ने कोणार्क एक्सप्रेस में छापेमारी कर 18.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। ओडिशा के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था।
मुख्य बातें
- कोणार्क एक्सप्रेस में 18.538 किलोग्राम सूखा गांजा बरामद किया गया।
- 22 वर्षीय आरोपी निरंजन प्रधान को गिरफ्तार किया गया है।
- ड्रग्स की कुल कीमत लगभग ₹9.26 लाख आंकी गई है।
- आरोपी ओडिशा से पुणे तक तस्करी करने की कोशिश कर रहा था।
तेलंगाना की EAGLE फोर्स और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कोणार्क एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11020) में बड़ी सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने ट्रेन के भीतर से 18.538 किलोग्राम सूखा गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग ₹9.26 लाख बताई जा रही है।
क्षेत्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल सेल (RNCC) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान, अधिकारियों ने एक संदिग्ध यात्री की पहचान की जो दो बैकपैक और एक ट्रॉली बैग लेकर यात्रा कर रहा था। जब सामान की तलाशी ली गई, तो उसमें से 13 पैकेट बरामद हुए जिनमें भारी मात्रा में गांजा छिपा हुआ था।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक व्यक्तिगत तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा है। आरोपी, जिसकी पहचान 22 वर्षीय निरंजन प्रधान के रूप में हुई है, ओडिशा के गंजम जिले का निवासी है और सूरत में काम करता है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह गंजम के ही दीपक प्रधान के निर्देश पर ओडिशा से महाराष्ट्र के पुणे तक यह खेप पहुंचाने वाला था।
नारकोटिक्स तस्करी के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों पर निगरानी बढ़ाना बेहद आवश्यक है।
पुलिस अब फरार मुख्य आरोपी दीपक प्रधान की तलाश कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कर रही है। आरोपी को नमपल्ली में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) को सौंप दिया गया है, जहां उसके खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में रेलवे नेटवर्क का उपयोग अक्सर अंतर-राज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किया जाता है क्योंकि ट्रेनों की लंबी दूरी और यात्रियों की भारी संख्या के कारण संदिग्धों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण होता है। पिछले कुछ वर्षों में, EAGLE फोर्स जैसी विशेष इकाइयों ने इस नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. आरोपी को किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है?
आरोपी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।
2. तस्करी का रूट क्या था?
आरोपी ओडिशा से महाराष्ट्र के पुणे तक गांजा ले जाने की योजना बना रहा था।