सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 'जॉम्बी ड्रग्स' के वीडियो की सच्चाई सामने आ गई है। श्रीगंगानगर पुलिस ने दो युवकों को डिटेन किया है जिन्होंने प्रतिबंधित दवा खाकर नशे में होने का नाटक किया था।

वीडियो लोड हो रहा है...

मुख्य बातें

  • वायरल 'जॉम्बी ड्रग्स' वीडियो श्रीगंगानगर का निकला।
  • दो युवकों ने प्रेगाबालिन कैप्सूल खाकर नशे का नाटक किया।
  • पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने था वीडियो शेयर किया था।
  • पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से वायरल हो रहे 'जॉम्बी ड्रग्स' के खौफनाक वीडियो ने पूरे देश को चौंका दिया था। लेकिन अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में वायरल हुआ यह वीडियो असल में नशे की लत का नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और नाटक का नतीजा था। श्रीगंगानगर की कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में लिया है।

कैसे हुआ इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश?

जांच के दौरान यह सामने आया कि भांभू कॉलोनी निवासी योगेश (30) और जोगिंदर (27) ने मिलकर यह वीडियो बनाया था। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि इन दोनों युवकों ने प्रतिबंधित प्रेगाबालिन (Pregabalin) कैप्सूल का सेवन किया था। इस दवा के प्रभाव में वे सुन्न हो गए और इसी स्थिति का फायदा उठाकर उन्होंने 'जॉम्बी' की तरह व्यवहार करते हुए वीडियो शूट किया और सोशल मीडिया पर डाल दिया।

BozokMedia विश्लेषण: भ्रम और भय का खेल

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और भ्रामक वीडियो समाज में अनावश्यक भय पैदा कर सकते हैं। इस वीडियो को राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने भी शेयर किया था, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ गई। हालांकि, शुरुआत में जिले के एसपी ने इस तरह की गतिविधियों से इनकार किया था, लेकिन पुलिसिया जांच ने अंततः सच्चाई को उजागर कर दिया।

सोशल मीडिया पर किसी भी सनसनीखेज वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना अनिवार्य है, अन्यथा यह कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।

यह वीडियो जस्सा सिंह मार्ग पर स्थित एक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास शूट किया गया था। वीडियो में दो युवक बिल्कुल सुन्न और अजीबोगरीब अवस्था में खड़े नजर आ रहे थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन युवकों के पास प्रतिबंधित दवाएं अवैध रूप से उपलब्ध थीं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: नशीले पदार्थों का बढ़ता खतरा

पिछले कुछ वर्षों में भारत के सीमावर्ती इलाकों में प्रेगाबालिन जैसी दवाओं का दुरुपयोग बढ़ा है। ये दवाएं दर्द निवारक के रूप में आती हैं, लेकिन इनका गलत इस्तेमाल मानसिक संतुलन को बिगाड़ सकता है और 'जॉम्बी' जैसे लक्षण पैदा कर सकता है।

Did You Know?: प्रेगाबालिन एक नियंत्रित पदार्थ है जिसका उपयोग मिर्गी और तंत्रिका दर्द के इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन जानलेवा हो सकता है।

Frequently Asked Questions

1. क्या वास्तव में श्रीगंगानगर में जॉम्बी ड्रग्स का चलन है?
नहीं, जांच में पाया गया कि वीडियो फर्जी था और युवकों ने केवल नाटक किया था।

2. वीडियो बनाने वाले युवकों पर क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस ने दोनों युवकों को डिटेन कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।