राज्य के प्रमुख लेखा प्रमुख ने 31 मार्च 2025 तक 62,632 बकाया उपयोग प्रमाणपत्र (UC) जिनकी कुल राशि ₹92,132.75 करोड़ है, प्राप्त नहीं किए। सीएजी की रिपोर्ट में स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, शिक्षा और पंचायती राज को शीर्ष पाँच विभाग बताया गया।
Key Takeaways
- 62,632 बकाया उपयोग प्रमाणपत्र
- कुल बकाया राशि ₹92,132.75 करोड़
- शीर्ष पाँच विभाग: स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, शिक्षा, पंचायती राज
भारत के नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक (सीएजी) ने 2024‑25 के वित्तीय वर्ष के लिए बिहार की वित्तीय स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (अकाउंट्स & एंटाइटलमेंट्स), बिहार को 62,632 उपयोग प्रमाणपत्र (UC) प्राप्त नहीं हुए, जिनकी कुल राशि ₹92,132.75 करोड़ है। यह आंकड़ा 23 जुलाई को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया।
Historical Background
बिहार ने पिछले दशकों में कई बड़े केंद्र‑राज्य योजनाओं को लागू किया है, लेकिन उपयोग प्रमाणपत्रों की समय पर प्रस्तुति हमेशा एक चुनौती रही है। उपयोग प्रमाणपत्र सरकार को यह सत्यापित करने में मदद करते हैं कि अनुदानित धन का सही उपयोग हुआ है। देर से या न मिलने वाले प्रमाणपत्रों से वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही पर असर पड़ता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that delayed UC submissions increase the risk of fund mis‑utilisation and weaken audit trails, potentially impacting future central grants to Bihar. Prompt submission is crucial for maintaining fiscal discipline and ensuring that development schemes reach intended beneficiaries.
"बिलंबित उपयोग प्रमाणपत्र वित्तीय प्रबंधन में छिपी बड़ी खामियों का संकेत हैं," वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने कहा।
रिपोर्ट ने बताया कि स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, शिक्षा और पंचायती राज विभागों में सबसे अधिक बकाया UC हैं। यह विभाग राज्य के प्रमुख सामाजिक‑आर्थिक प्रोग्रामों का संचालन करते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में निधियों का सही उपयोग न हो पाने से विकास में रुकावटें आ सकती हैं।
बजट प्रबंधन के तहत, कुल बजट ₹3,64,518.87 करोड़ में से केवल 78.78 % खर्च हुआ, जिससे ₹77,340.38 करोड़ की बचत हुई। हालांकि, इस बचत का केवल 13.43 % ही सरकार ने वापस किया, जिससे अनावश्यक वित्तीय प्रक्षेपण और बजट‑खर्च असंगति की ओर इशारा मिलता है।
Frequently Asked Questions
Q1: उपयोग प्रमाणपत्र न मिलने से राज्य को क्या जोखिम है?
A: यह निधियों के दुरुपयोग, ऑडिट में असंगतियों और भविष्य में केंद्र की अनुदानों में कटौती का कारण बन सकता है।
Q2: किन विभागों में सबसे अधिक बकाया UC हैं?
A: स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, शिक्षा और पंचायती राज विभागों में सबसे अधिक बकाया है।