ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपने 1,500 अधिकारियों के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल नागरिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सार्वजनिक धन के कुशल उपयोग पर केंद्रित है।
मुख्य बातें
- 1,500 अधिकारियों को निविदा (टेंडर) प्रक्रियाओं और सरकारी नियमों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।
- प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
- कार्यक्रम में तमिलनाडु शहरी स्थानीय निकाय नियम, 2023 और पारदर्शिता अधिनियम पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- त्रैमासिक आधार पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की योजना है।
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने अपने इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए निविदा प्रक्रियाओं (Tender Procedures) पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य नागरिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान पारदर्शिता, निष्पक्षता, जवाबदेही और सार्वजनिक धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है।
GCC कमिश्नर जी.एस. समीरन ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कुल 1,500 अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की उम्मीद है। उन्होंने अधिकारियों से उनके सामने आने वाली बाधाओं और सकारात्मक अनुभवों पर खुलकर चर्चा करने का आग्रह किया। कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण सत्रों को त्रैमासिक आधार पर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि अधिकारियों का कौशल निरंतर बना रहे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सार्वजनिक खरीद (Public Procurement) में दक्षता सीधे तौर पर शहर के विकास की गति को प्रभावित करती है। जब अधिकारी तमिलनाडु शहरी स्थानीय निकाय नियम, 2023 और तमिलनाडु पारदर्शिता में निविदा अधिनियम से अच्छी तरह वाकिफ होते हैं, तो भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हो जाती है और परियोजनाओं का निष्पादन समय पर होता है।
सक्षम और कानून के प्रति जागरूक इंजीनियर ही सार्वजनिक धन का सही उपयोग सुनिश्चित कर सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान, विशेषज्ञों ने इंजीनियरों को सलाह दी कि वे खरीद गतिविधियों की योजना पहले से बनाएं, स्पष्ट बोली दस्तावेज तैयार करें और सभी बोलीदाताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सरकारी आदेशों और निविदा प्रक्रियाओं के बारे में अपडेट रहना बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
नगर निगमों में निविदा प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण और मानकीकरण पिछले दशक में एक प्रमुख बदलाव रहा है। पूर्व में, जटिल और अस्पष्ट नियमों के कारण परियोजनाओं में देरी और वित्तीय अनियमितताएं देखी गई थीं, जिन्हें रोकने के लिए अब नए सख्त नियमों और नियमित प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य निविदा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकना है।
2. कितने अधिकारी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे?
कुल 1,500 अधिकारियों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।