राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के नवीनतम आंकड़ों से पता चला है कि भारत में छह महीने तक विशेष स्तनपान की दर में भारी गिरावट आई है, जो लगभग एक दशक पुराने स्तर पर वापस आ गई है।

मुख्य बातें

  • विशेष स्तनपान की दर NFHS-5 के 63.7% से गिरकर NFHS-6 में 55.8% रह गई है।
  • उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है।
  • संस्थागत प्रसव और प्रसवोत्तर देखभाल में सुधार के बावजूद स्तनपान के आंकड़ों में गिरावट चिंताजनक है।

भारत में मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक ओर संस्थागत प्रसव (Institutional Deliveries) की दर बढ़कर 90.6% हो गई है और प्रसवोत्तर देखभाल (Postnatal Care) में भी सुधार हुआ है, वहीं दूसरी ओर शिशुओं के लिए विशेष स्तनपान की दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

नवीनतम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के आंकड़ों के अनुसार, पहले छह महीनों तक विशेष स्तनपान कराने वाले शिशुओं का प्रतिशत NFHS-5 में 63.7% था, जो अब घटकर 55.8% पर आ गया है। यह गिरावट इतनी तीव्र है कि भारत पिछले तीन वर्षों में ठीक वहीं पहुँच गया है जहाँ वह लगभग एक दशक पहले था।

क्यों यह चिंता का विषय है?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह गिरावट केवल एक सांख्यिकीय त्रुटि नहीं है। डेटा स्पष्ट करता है कि गिरावट का सबसे बड़ा प्रभाव उन राज्यों में पड़ा है जो भारत के कुल जन्मों में एक बड़ा हिस्सा रखते हैं।

राज्यबदलाव (प्रतिशत अंक)स्थिति
सिक्किम+21.3सुधार
हरियाणा-28.3गिरावट
उत्तर प्रदेश-25.1गिरावट
केरल+17.2सुधार
स्तनपान की दरों में यह गिरावट सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों और जमीनी स्तर पर जागरूकता की कमी का संकेत देती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NFHS-4 (2015-16) में विशेष स्तनपान की दर 54.9% थी। NFHS-5 (2019-21) के दौरान इसमें सुधार होकर यह 63.7% तक पहुँच गई थी, लेकिन वर्तमान NFHS-6 के आंकड़े इस प्रगति को लगभग शून्य कर रहे हैं।

Did You Know?: विशेष स्तनपान का अर्थ है कि शिशु को छह महीने तक केवल माँ का दूध दिया जाए, पानी भी नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. NFHS-6 क्या है? यह भारत में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी महत्वपूर्ण डेटा एकत्र करने वाला एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण है।

2. किन राज्यों में सबसे अधिक गिरावट आई है? हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है।