विदेशी सहायता में कमी और बढ़ते सरकारी ऋण के बीच, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए केवल अधिक धन की नहीं, बल्कि धन के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है।
मुख्य बातें
- विदेशी स्वास्थ्य सहायता (DAH) में भारी गिरावट आई है, विशेष रूप से अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा।
- विकासशील देशों पर बढ़ता सार्वजनिक ऋण स्वास्थ्य बजट के लिए गंभीर खतरा है।
- समाधान केवल अधिक पैसा नहीं, बल्कि मौजूदा बजट का प्रभावी कार्यान्वयन और सही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर निवेश है।
दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। विश्व बैंक के अनुसार, कम और मध्यम आय वाले देशों (LMICs) में प्रति व्यक्ति सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च न्यूनतम बेंचमार्क के आधे से भी कम है। हालांकि जीडीपी के प्रतिशत के रूप में अंतर कम हुआ है, लेकिन प्रति व्यक्ति खर्च के मामले में यह अंतर वास्तव में तीन गुना बढ़ गया है।
स्वास्थ्य सहायता पर संकट
वर्षों तक, 'स्वास्थ्य के लिए विकास सहायता' (DAH) ने राष्ट्रीय बजट की कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, महामारी के बाद यह रुझान पूरी तरह बदल गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी विदेशी सहायता में 67% की कटौती की घोषणा की है, जिसके बाद ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने भी अपने बजट में भारी कटौती की है। OECD के अनुसार, स्वास्थ्य वित्तपोषण 2022 के अपने शिखर से 60% तक गिर सकता है।
सार्वजनिक स्रोतों के सूखने के साथ, अब रास्ता केवल उपलब्ध धन का बेहतर तरीके से उपयोग करने में ही निहित है।
बोज़ोकमीडिया विश्लेषण: क्यों यह महत्वपूर्ण है?
बोज़ोकमीडिया विश्लेषण से पता चलता है कि केवल पैसा बढ़ाना समाधान नहीं है। विकासशील देशों पर $31 ट्रिलियन का सार्वजनिक ऋण है, जिससे स्वास्थ्य जैसे आवश्यक क्षेत्रों के लिए बहुत कम पैसा बचता है। इस संकट से निपटने के लिए तीन रणनीतिक क्षेत्रों पर ध्यान देना होगा: बजट का पूर्ण उपयोग, सही क्षेत्रों (जैसे निवारक देखभाल) में निवेश, और बेहतर शासन।
बजट का सही उपयोग और रणनीतिक निवेश
वर्तमान में, स्वास्थ्य बजट का कार्यान्वयन (Execution) भी एक बड़ी समस्या है। भारत में, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कुछ कार्यक्रमों के लिए आवंटित धन का केवल एक छोटा हिस्सा ही वास्तव में उपयोग किया गया। इसके अलावा, अधिकांश धन उपचारात्मक देखभाल (Curative Care) पर खर्च होता है, जबकि निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Care) की अनदेखी की जाती है।
| खर्च का प्रकार | वर्तमान स्थिति | अनुशंसित प्राथमिकता |
|---|---|---|
| उपचारात्मक देखभाल (Curative) | उच्च (Secondary/Tertiary) | संतुलित |
| निवारक देखभाल (Preventive) | बहुत कम (भारत में <25%) | उच्च प्राथमिकता |
| सार्वजनिक वस्तुएं (Sanitation/Vaccination) | अनियमित | अत्यधिक महत्वपूर्ण |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. स्वास्थ्य बजट में कमी का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारणों में विदेशी सहायता (DAH) में कटौती और विकासशील देशों पर बढ़ता अत्यधिक सार्वजनिक ऋण शामिल है।
2. निवारक देखभाल (Preventive Care) क्यों महत्वपूर्ण है?
निवारक देखभाल बीमारियों को होने से पहले ही रोकती है, जिससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य लागत और बोझ कम होता है।