मदुरै के किसान सिंचाई टैंकों में सीवेज बहाए जाने से कृषि कार्यों में आ रही बाधाओं को लेकर कलेक्टर से गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने जल प्रदूषण और खराब बुनियादी ढांचे को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य बातें
- मदुरै के अवनीपुरम, अचमपथु और सक्कीमंगलम क्षेत्रों में सिंचाई टैंकों में सीवेज बहाया जा रहा है।
- किसानों ने पेरियार विस्तार नहरों की सफाई और गाद निकालने (desilting) की मांग की है।
- कलेक्टर निशांत कृष्णा ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए बैठक आयोजित की।
तमिलनाडु के मदुरै जिले में कृषि संकट गहराता जा रहा है। शुक्रवार को मदुरै कलेक्ट्रेट में आयोजित किसान शिकायत निवारण बैठक में, स्थानीय किसानों ने सिंचाई टैंकों में सीवेज और कचरा बहाए जाने के गंभीर मुद्दे को उठाया। किसानों का कहना है कि इस प्रदूषण के कारण उनकी कृषि गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
किसानों ने विशेष रूप से अवनीपुरम, अचमपथु और सक्कीमंगलम क्षेत्रों में सिंचाई टैंकों में गंदा पानी छोड़े जाने की शिकायत की। इसके अलावा, उसिलमपत्ति के पोथमपत्ति सिंचाई टैंक के पास कचरा फेंके जाने की भी समस्या सामने आई है। किसानों का तर्क है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो फसलें बर्बाद हो सकती हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सिंचाई के जल स्रोतों में सीवेज का मिलना न केवल मिट्टी की उर्वरता को नष्ट करता है, बल्कि यह पूरे खाद्य चक्र (food chain) के लिए एक बड़ा खतरा है। यदि जल प्रबंधन और स्वच्छता के बीच समन्वय नहीं बिठाया गया, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।
सिंचाई के पानी का प्रदूषण सीधे तौर पर फसल की गुणवत्ता और किसान की आजीविका पर हमला है।
बैठक के दौरान, किसानों ने कोट्टमपत्ती और आसपास के क्षेत्रों में पेरियार विस्तार नहरों की सफाई के लिए धन आवंटित करने की मांग भी की। इसके साथ ही, कोट्टमपत्ती के पास निर्माणाधीन चेक डैम की ऊंचाई को लेकर भी असंतोष जताया गया, ताकि पानी टेल-एंड (अंतिम छोर) वाले क्षेत्रों तक पहुंच सके।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मदुरै का कृषि क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से पेरियार नदी प्रणाली और विभिन्न नहरों पर निर्भर रहा है। हालांकि, शहरीकरण और अनियोजित सीवेज प्रबंधन के कारण इन पारंपरिक जल स्रोतों की गुणवत्ता में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: किसानों की मुख्य समस्या क्या है?
उत्तर: मुख्य समस्या सिंचाई टैंकों में सीवेज का बहाव और नहरों में गाद जमा होना है।
प्रश्न 2: कलेक्टर ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: कलेक्टर निशांत कृष्णा ने समस्याओं को सुना और संबंधित मुद्दों पर विस्तृत बैठक करने का आश्वासन दिया।