कोच्ची नगर परिषद में 76 में से केवल 28 पार्षदों ने LDF द्वारा प्रस्तावित योजना निधि में ₹109 करोड़ कट को रोकने के प्रस्ताव का समर्थन किया। UDF ने बताया कि यह कट 16वें वित्त आयोग के तहत आवंटित ₹84 करोड़ से संतुलित हो गया है, जिससे कोई प्रतिबंध नहीं है।
Key Takeaways
- LDF का प्रस्ताव 76 में से केवल 28 पार्षदों ने समर्थन किया
- UDF ने कहा कि ₹84 करोड़ के अतिरिक्त आवंटन से कट संतुलित हो गया
- परिषद में बहस के दौरान BJP और UDF के बीच तीखी टकराव हुई
कोच्ची नगर परिषद ने सोमवार को एक विशेष बैठक में विरोधी लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) द्वारा प्रस्तावित योजना निधि में ₹109 करोड़ की बड़ी कटौती को नकार दिया। कुल 76 में से केवल 28 पार्षद, जिसमें छह BJP सदस्य शामिल थे, ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
LDF ने इस कट को राज्य सरकार के पास ले जाने की मांग की, जबकि UDF के मेयर वी.के. मिनिमोल ने इसे विरोधी दल की राजनीति के रूप में खारिज किया। LDF के पार्षद वी.ए. श्रीजीथ ने इस वोट को राजनीतिक बयान के तौर पर पेश किया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों में ऐसी कटौती न केवल विकास परियोजनाओं को बाधित करती है, बल्कि भविष्य की राजकोषीय योजना पर भी प्रश्न उठाती है।
"शहर की योजना निधि में कटौती का वास्तविक प्रभाव स्थानीय सेवाओं की गुणवत्ता में स्पष्ट होगा," कहता है राजनैतिक विश्लेषक प्रो. अंजलि मिश्रा।
Frequently Asked Questions
- क्या योजना निधि में कटौती वास्तव में हुई? नहीं, UDF के अनुसार 16वें वित्त आयोग से ₹84 करोड़ अतिरिक्त आवंटन के कारण कुल कटौती संतुलित हो गई है।
- परिषद में वोटिंग का परिणाम क्या था? केवल 28 पार्षदों ने LDF के प्रस्ताव का समर्थन किया, जिससे प्रस्ताव नकार दिया गया।