विपक्ष के नेता पिणारई विजयन ने केंद्र सरकार के जवाब का हवाला देते हुए यूडीएफ सरकार के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस और यूएमएल पर नीतियों में यू-टर्न लेने और जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है।
मुख्य बातें
- केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य पीएम श्री योजना से कानूनी रूप से हट सकते हैं।
- विपक्ष के नेता पिणारई विजयन ने यूडीएफ के 'यू-टर्न' की कड़ी आलोचना की।
- विजयन ने आरोप लगाया कि यूडीएफ सरकार आरएसएस के प्रति झुक रही है।
केरल के विपक्ष के नेता पिणारई विजयन ने शनिवार को यूडीएफ (UDF) सरकार के उन दावों को पूरी तरह से निराधार बताया है, जिसमें कहा गया था कि समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के बाद केरल पीएम श्री (PM SHRI) योजना से पीछे नहीं हट सकता। विजयन ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा राज्यसभा में दिए गए जवाब का हवाला देते हुए कहा कि कानूनी रूप से राज्यों को इस समझौते से हटने से कोई नहीं रोक सकता।
विजयन ने तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और पूरे यूडीएफ ने सत्ता में आने से पहले इस योजना का विरोध किया था, लेकिन सत्ता मिलते ही अपनी नीतियों से पलट गए। उन्होंने इसे अपने कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ विश्वासघात करार दिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल एक सरकारी योजना का नहीं है, बल्कि केरल की राजनीति में वैचारिक बदलाव और केंद्र-राज्य संबंधों के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक है। यूडीएफ का यह निर्णय उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
यूडीएफ का यह यू-टर्न उनकी राजनीतिक अस्थिरता और विचारधारा के प्रति स्पष्टता की कमी को दर्शाता है।
विजयन ने आगे कहा कि यूडीएफ का पीएम श्री योजना को लागू करने का निर्णय उनके 'आरएसएस के प्रति समर्पण' को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस योजना के फंड को 'खून का पैसा' कहना गलत है, क्योंकि यह जनता के साथ विश्वासघात करके प्राप्त किया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती एलडीएफ (LDF) सरकार ने भी इस योजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में इसे फ्रीज कर दिया था और केंद्र को औपचारिक रूप से सूचित किया था कि वे इसे लागू नहीं करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. पीएम श्री योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य देश भर के स्कूलों को उन्नत और आधुनिक बनाना है।
2. पिणारई विजयन ने यूडीएफ पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ सत्ता के लिए अपनी विचारधारा को छोड़कर केंद्र सरकार के सामने झुक गया है।