कर्नाटक सरकार राज्य में नैनोटेक्नोलॉजी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष 'नैनो टेक्नोलॉजी मिशन' और 'मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर' स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
मुख्य बातें
- सरकार एक नया 'नैनो टेक्नोलॉजी मिशन' स्थापित करेगी।
- नैनोटेक के लिए एक विशेष 'मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर' बनाने पर विचार किया जा रहा है।
- IITs और अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर टैलेंट क्रिएशन पर जोर दिया जाएगा।
- बेंगलुरु इंडिया नैनो 2026 का आयोजन अगस्त में होगा।
कर्नाटक के आईटी, बीटी और ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियंक खर्गे ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य भारत में उभरते हुए नैनोटेक्नोलॉजी उद्योग के विकास और नेतृत्व करने की पूरी क्षमता रखता है। इस क्षेत्र की तीव्र वृद्धि को गति देने के लिए, राज्य सरकार उद्योग के सहयोग से एक समर्पित नैनो टेक्नोलॉजी मिशन शुरू करने का निर्णय ले चुकी है।
मंत्री खर्गे ने 'बेंगलुरु इंडिया नैनो 2026' के उद्घाटन समारोह में कहा कि नैनोटेक्नोलॉजी एक अंतर-विषयक क्षेत्र है, जिसमें मूल विज्ञान और उन्नत इंजीनियरिंग का मेल आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्र को सहारा देने के लिए पर्याप्त कुशल प्रतिभा विकसित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए सरकार IITs, अनुसंधान संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि नैनोटेक्नोलॉजी केवल विज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, ऊर्जा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति लाने की क्षमता रखती है। मंत्री ने बताया कि नैनो-सेंसर और उन्नत सुरक्षा सामग्री के माध्यम से सरकारी और घरेलू सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
नैनो टेक्नोलॉजी के माध्यम से पदार्थों के गुणों को बदलकर हम सुरक्षा प्रणालियों को तेज और सुरक्षात्मक उपकरणों को अधिक लचीला बना सकते हैं।
IISc के विशेषज्ञों ने भी इस पर प्रकाश डाला कि नैनो टेक्नोलॉजी का उपयोग डेटा केंद्रों की भारी बिजली खपत को कम करने और कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए रक्तप्रवाह में 'नैनो रोबोट' भेजने में किया जा सकता है। यह तकनीक भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कर्नाटक लंबे समय से भारत के प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में उभरा है। बेंगलुरु में आईटी और बायोटेक की सफलता के बाद, अब सरकार का ध्यान नैनो-फैब्रिकेशन और लिथोग्राफी जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित हो रहा है ताकि भविष्य की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अग्रणी स्थान प्राप्त किया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. नैनो टेक्नोलॉजी मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य नैनोटेक क्षेत्र में अनुसंधान, कौशल विकास और औद्योगिक विकास को एक दिशा प्रदान करना है।
2. बेंगलुरु इंडिया नैनो 2026 कब आयोजित होगा?
यह प्रदर्शनी 3 से 5 अगस्त के बीच बेंगलुरु में आयोजित की जाएगी।