उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में दशकों से औद्योगिक कचरा डंप करने के कारण भूजल में हेक्सावलेंट क्रोमियम (VI) का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य बातें

  • कानपुर देहात, कानपुर नगर और फतेहपुर में भूजल क्रोमियम (VI) से भारी मात्रा में प्रदूषित है।
  • सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र के 73-96% लोगों के रक्त में क्रोमियम का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया है।
  • औद्योगिक कचरे और टेनरी (चमड़ा उद्योग) के अवशेषों ने मिट्टी और पानी को पीला-हरा बना दिया है।
  • हेक्सावलेंट क्रोमियम से कैंसर, पेट के अल्सर और लिवर-किडनी को गंभीर नुकसान हो सकता है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात, कानपुर नगर और फतेहपुर जिलों के ग्रामीण इलाकों में एक भयावह स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। दशकों से उद्योगों द्वारा अवैध रूप से फेंके गए कचरे ने भूजल को हेक्सावलेंट क्रोमियम (VI) जैसे अत्यधिक जहरीले रसायन से भर दिया है। स्थानीय निवासी अब ऐसे पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं जो देखने में चमकीला पीला-हरा दिखाई देता है और जो सीधे तौर पर जानलेवा बीमारियों का कारण बन रहा है।

क्यों है यह चिंता का विषय?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल पानी का रंग बदलना नहीं है, बल्कि एक गंभीर पारिस्थितिक आपदा है। क्रोमियम (VI) एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और जहरीला यौगिक है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की रिपोर्ट के अनुसार, इस रसायन के संपर्क में आने से कैंसर, पेट के अल्सर, और लिवर एवं किडनी की गंभीर क्षति हो सकती है। फतेहपुर के ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें लगातार पेट दर्द, पाचन की समस्या और त्वचा पर खुजली वाले चकत्ते महसूस हो रहे हैं।

"हेक्सावलेंट क्रोमियम का पानी में मिलना एक 'साइलेंट किलर' की तरह है, जो धीरे-धीरे पूरे समुदाय के स्वास्थ्य को नष्ट कर रहा है।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: कानपुर और उसके आसपास के क्षेत्र 19वीं शताब्दी से ही चमड़ा उद्योगों (Tanneries) के केंद्र रहे हैं। ये उद्योग चमड़े को मजबूत बनाने के लिए क्रोमियम सल्फेट का उपयोग करते हैं। हालांकि 2005 में यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुछ इकाइयों को बंद किया था, लेकिन अवैध डंपिंग और कचरे के प्रबंधन में लापरवाही के कारण प्रदूषण का स्तर आज भी खतरनाक बना हुआ है।

प्रभावित क्षेत्रों का विवरण

जिलामुख्य समस्याप्रभावित क्षेत्र
कानपुर देहातभारी धातु प्रदूषणअकबरपुर तहसील, शिवनाथपुरा
फतेहपुरक्रोमियम डंपिंगछीवाली, अभयपुर
कानपुर नगरऔद्योगिक रनऑफपुरवामीर गांव
क्या आप जानते हैं?: क्रोमियम (VI) प्रकृति में पाया जाने वाला तत्व है, लेकिन औद्योगिक प्रक्रियाओं के माध्यम से निर्मित इसका रूप अत्यधिक जहरीला और कैंसरकारी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्रोमियम (VI) के संपर्क में आने से क्या खतरा है?
इससे कैंसर, किडनी फेलियर, लिवर डैमेज और गंभीर त्वचा रोग हो सकते हैं।

2. क्या सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है?
हाँ, NGT के आदेशों के बाद सरकारी जांच और सफाई की प्रक्रिया जारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार धीमा है।