प्रवासी बंधु वेलफेयर ट्रस्ट ने केरल सरकार को एक ज्ञापन सौंपकर गैर-निवासी केरलवासियों (NRK) की बचत को बुनियादी ढांचे और उद्योगों में निवेश करने का सुझाव दिया है। इसमें हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए टैक्स-फ्री बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव शामिल है।

मुख्य बातें

  • प्रवासी भारतीयों की ₹3 ट्रिलियन की NRE जमा राशि को उत्पादक क्षेत्रों में लगाने का सुझाव।
  • तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक हाई-स्पीड रेलवे के लिए टैक्स-फ्री नॉन-कन्वर्टिबल बॉन्ड का प्रस्ताव।
  • केरल की अर्थव्यवस्था में योगदान देने के लिए म्यूचुअल फंड और SIP योजनाओं की सिफारिश।
  • FMCG और कृषि-प्रसंस्करण उद्योगों के माध्यम से रोजगार सृजन पर जोर।

यूएई स्थित प्रवासी बंधु वेलफेयर ट्रस्ट ने केरल सरकार से आग्रह किया है कि वह राज्य की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन के लिए गैर-निवासी केरलवासियों (NRKs) की बचत, कौशल और व्यावसायिक नेटवर्क का लाभ उठाए। ट्रस्ट के अध्यक्ष के.वी. शमसुद्दीन ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रवासी भारतीयों की पूंजी को बुनियादी ढांचे और उद्योगों की ओर मोड़ने के लिए रणनीतिक उपायों का प्रस्ताव दिया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, केरल हर साल लगभग ₹2.3-2.5 लाख करोड़ का प्रेषण (remittance) प्राप्त करता है, जो भारत के कुल प्रेषण का लगभग 20% है। वर्तमान में, ₹3 ट्रिलियन से अधिक की राशि NRE जमा के रूप में बैंकों में है, जो कम ब्याज दर पर रखी गई है। यदि इस पूंजी को सही ढंग से निवेश किया जाता है, तो यह केरल के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकती है।

प्रवासी भारतीयों की बचत को बुनियादी ढांचे में बदलना केरल के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

ट्रस्ट ने सुझाव दिया है कि सरकारी कंपनी चेरमन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (CFSL) को NRKs के लिए पेशेवर रूप से प्रबंधित म्यूचुअल फंड योजनाएं शुरू करनी चाहिए। इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम और कासरगोड के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेलवे के लिए सुरक्षित, रिडेमेबल और टैक्स-फ्री नॉन-कन्वर्टिबल बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव दिया गया है, जैसा कि कोंकण रेलवे के मामले में किया गया था।

औद्योगिक और शैक्षिक विस्तार

ज्ञापन में FMCG कंपनियों जैसे Hindustra Unilever, Nestle और Britannia को केरल में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया गया है। साथ ही, नारियल, मसाले, रबर और जैकफ्रूट जैसे कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन (value addition) पर भी जोर दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में, ट्रस्ट ने विदेशी विश्वविद्यालयों को केरल में कैंपस स्थापित करने के लिए आमंत्रित करने का सुझाव दिया है ताकि छात्रों के पलायन को रोका जा सके।

क्या आप जानते हैं?: केरल भारत के कुल विदेशी प्रेषण (Remittance) का लगभग 20% हिस्सा प्राप्त करता है, जो इसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. प्रवासी बंधु वेलफेयर ट्रस्ट क्या चाहता है?
ट्रस्ट चाहता है कि सरकार NRKs की बचत को केरल के बुनियादी ढांचे और उद्योगों में निवेश करने के लिए सुरक्षित बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प प्रदान करे।

2. हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए क्या सुझाव दिया गया है?
तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक की रेल परियोजना के लिए टैक्स-फ्री नॉन-कन्वर्टिबल बॉन्ड के माध्यम से धन जुटाने का सुझाव दिया गया है।