कोझिकोड के सांसद एम.के. राघवन ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर मालाबार क्षेत्र में ओणम स्पेशल ट्रेनों की भारी कमी और क्षेत्रीय भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने दक्षिण केरल की तुलना में उत्तर केरल को कम सेवा मिलने पर चिंता जताई है।
मुख्य बातें
- मालाबार क्षेत्र में ओणम स्पेशल ट्रेनों का आवंटन बेहद कम है।
- घोषित सेवाओं का 80% से अधिक हिस्सा दक्षिण केरल पर केंद्रित है।
- सांसद एम.के. राघवन ने चेन्नई और बेंगलुरु से अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग की।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कोझिकोड के सांसद एम.के. राघवन ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य ओणम के त्योहार के दौरान मालाबार क्षेत्र के यात्रियों को होने वाली भारी असुविधा और रेलवे द्वारा कथित क्षेत्रीय भेदभाव के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करना था।
सांसद ने रेल मंत्री को बताया कि दक्षिण रेलवे द्वारा घोषित ओणम स्पेशल सेवाओं में भारी असमानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि घोषित विशेष सेवाओं का 80% से अधिक हिस्सा केवल दक्षिण केरल के लिए आरक्षित है, जबकि मालाबार क्षेत्र, जो प्रवासी भारतीयों, आईटी पेशेवरों और छात्रों का प्रमुख केंद्र है, को बहुत कम ट्रेनें आवंटित की गई हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि त्योहारों के दौरान परिवहन व्यवस्था में क्षेत्रीय असंतुलन न केवल यात्रियों को परेशान करता है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकता है। मालाबार जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में ट्रेनों की कमी से आम यात्रियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
मालाबार क्षेत्र में ट्रेनों की कमी त्योहार के समय आम आदमी की जेब और यात्रा की सुविधा दोनों पर प्रहार करती है।
राघवन ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उथ्रदम के दिन चेन्नई से मंगलुरु चलने वाली विशेष ट्रेन में केवल छह स्लीपर कोच हैं। हालांकि इसमें 10 एसी कोच शामिल हैं, लेकिन आम यात्री महंगे एसी किराए का बोझ नहीं उठा सकते। उन्होंने मांग की कि चेन्नई और बेंगलुरु से कोझिकोड के रास्ते मंगलुरु के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएं और नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
केरल में ओणम के दौरान यात्रा की मांग में अत्यधिक वृद्धि होती है। हर साल, रेलवे को विशेष ट्रेनें चलानी पड़ती हैं ताकि यात्रियों की भारी भीड़ को संभाला जा सके। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उत्तर और दक्षिण केरल के बीच संसाधनों के आवंटन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ती रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सांसद ने किन शहरों से अतिरिक्त ट्रेनों की मांग की है?
उत्तर: सांसद ने चेन्नई और बेंगलुरु से मंगलुरु (कोझिकोड के माध्यम से) के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की मांग की है।
प्रश्न 2: ट्रेनों के आवंटन में मुख्य समस्या क्या है?
उत्तर: मुख्य समस्या यह है कि 80% विशेष ट्रेनें दक्षिण केरल के लिए हैं, जबकि मालाबार में बहुत कम सेवाएं हैं।