पश्चिमी करवली रेलवे अभिवृद्धि समिति ने दक्षिण रेलवे से मांग की है कि यशवंतपुर-मंगलुरु जंक्शन साप्ताहिक एक्सप्रेस को मंगलुरु सेंट्रल तक बढ़ाया जाए। समिति का तर्क है कि बुनियादी ढांचे में सुधार के बावजूद ट्रेन को जंक्शन पर रोकना यात्रियों के लिए असुविधाजनक है।

मुख्य बिंदु

  • समिति ने यशवंतपुर-मंगलुरु साप्ताहिक ट्रेन को मंगलुरु सेंट्रल तक बढ़ाने का आग्रह किया है।
  • मंगलुरु सेंट्रल में नए प्लेटफॉर्म बनने के बावजूद ट्रेन अभी भी जंक्शन पर समाप्त हो रही है।
  • समिति ने रेलवे को खाली स्टैबलिंग लाइनों का उपयोग करने का सुझाव दिया है।

मंगलुरु स्थित पश्चिमी करवली रेलवे अभिवृद्धि समिति ने दक्षिण रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (पालक्कड़) को एक औपचारिक पत्र लिखकर यशवंतपुर-मंगलुरु जंक्शन-यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 16539/40) को मंगलुरु सेंट्रल तक विस्तारित करने की पुरजोर अपील की है।

समिति के अध्यक्ष हनुमंत कामथ ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि तटीय कर्नाटक और बेंगलुरु के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन एक अत्यंत सुविधाजनक और किफायती साधन है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में जब इस सेवा की योजना बनाई गई थी, तब मंगलुरु सेंट्रल में प्लेटफॉर्म की कमी के कारण इसे जंक्शन पर संचालित करना पड़ा था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मांग?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मंगलुरु सेंट्रल स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 4 और 5 के निर्माण के बाद भी इस ट्रेन को वहां न ले जाना यात्रियों की एक बड़ी समस्या बनी हुई है। रेलवे प्रशासन ने पहले आश्वासन दिया था कि बुनियादी ढांचे के उन्नयन के बाद ट्रेन को सेंट्रल तक बढ़ाया जाएगा, लेकिन वह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है।

रेलवे बुनियादी ढांचे में सुधार के बावजूद यात्री सुविधाओं में कमी क्षेत्रीय विकास के लिए एक बड़ी बाधा है।

समिति ने एक व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तावित किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि शनिवार शाम को ट्रेन संख्या 16539 को मंगलुरु सेंट्रल पर रिसीव किया जा सकता है और वहां खाली पड़ी स्टैबलिंग लाइनों पर रात भर खड़ा किया जा सकता है, ताकि रविवार सुबह इसे ट्रेन संख्या 16540 के रूप में यशवंतपुर के लिए रवाना किया जा सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वर्ष 2007 में, ट्रेन संख्या 16575/76 को मूल रूप से मंगलुरु सेंट्रल और यशवंतपुर के बीच चलाने की योजना थी। हालांकि, उस समय तकनीकी सीमाओं के कारण इसे केवल मंगलुरु जंक्शन तक ही सीमित रखा गया था।

क्या आप जानते हैं?: मंगलुरु सेंट्रल और जंक्शन के बीच की दूरी कम है, लेकिन यात्रियों के लिए शहर के मुख्य केंद्रों तक पहुंचना इस विस्तार के बिना चुनौतीपूर्ण बना रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. समिति ने रेलवे को क्या सुझाव दिया है?
समिति ने सुझाव दिया है कि शनिवार को ट्रेन को मंगलुरु सेंट्रल पर रोका जाए और रविवार सुबह उसे वापस भेजा जाए।

2. मुख्य समस्या क्या है?
मुख्य समस्या यह है कि मंगलुरु सेंट्रल में नए प्लेटफॉर्म बनने के बाद भी ट्रेन को वहां तक नहीं ले जाया जा रहा है।