केरल के डॉक्टर ज़ुबैर नबीन ने प्रयोगात्मक मोटापे की दवा रेटाट्रुटाइड से 31 किलोग्राम वजन घटाया। दवा के कार्य‑तंत्र, लाभ, साइड इफ़ेक्ट और दीर्घकालिक वजन‑प्रबंधन की चुनौतियों को इस रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • डॉ. नबीन ने रेटाट्रुटाइड से 31 kg वजन घटाया, शरीर की माप में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
  • रेटाट्रुटाइड एक ट्रिपल‑हॉर्मोन एगोनिस्ट है जो GLP‑1, GIP और ग्लुकागॉन रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है।
  • तेज़ वजन घटाव से मांसपेशी घटाव, त्वचा की लटें और सामाजिक दबाव जैसे नए मुद्दे सामने आए।

केरल के 39‑वर्षीय चिकित्सक डॉ. ज़ुबैर नबीन बचपन से ही मोटापे की समस्या से जूझते रहे। 120 kg तक पहुँचा वजन, रोज़ाना बिरयानी और मिठाइयों के सेवन से और बढ़ गया। डॉक्टर होने के नाते वह खुद को मोटापे के स्वास्थ्य जोखिमों से भली‑भांति जानते थे, फिर भी खाने के साथ उनका भावनात्मक संबंध उन्हें रोक नहीं पाया।

रेटाट्रुटाइड क्या है?

रेटाट्रुटाइड एक प्रयोगात्मक वजन‑कम करने वाली दवा है जो एक साथ तीन हॉर्मोन रिसेप्टर्स—GLP‑1, GIP और ग्लुकागॉन—को लक्षित करती है। यह इन्क्रेटिन मिमेटिक समूह में आती है, जिससे इंसुलिन स्राव बढ़ता, ग्लुकागॉन कम होता और पेट की ख़ाली होने की गति धीमी पड़ती है, जिससे भूख घटती है। इस दवा को अभी तक किसी रोगी के लिए अनुमोदित नहीं किया गया है; यह केवल क्लिनिकल ट्रायल में उपलब्ध है।

वजन घटाव के आँकड़े और तुलना

डॉ. नबीन ने दो साल पहले इस ट्रायल में भाग लिया। शुरुआती 10 kg डाइट‑एक्सरसाइज़ से घटाने के बाद, रेटाट्रुटाइड ने अतिरिक्त 21 kg घटाए, जिससे उनका वजन 89 kg पर आ गया। फेज‑3 ट्रायल में 80 हफ्ते तक 4 mg, 9 mg और 12 mg डोज़ पर क्रमशः 19 %, 25.9 % और 28.3 % वजन घटाव दर्ज किया गया—जो सेमाग्लूटाइड (लगभग 15 %) और तिर्ज़ेपैटाइड (लगभग 20‑21 %) से अधिक है।

शरीर छवि और सामाजिक प्रभाव

तेज़ वजन घटाव ने डॉक्टर के आत्म‑विश्वास को बढ़ाया, पर नई चुनौतियों को भी जन्म दिया। उन्होंने बताया कि मांसपेशियों का आकार छोटा दिखने लगा और “शक्ति कम हो रही है” जैसी भावना उत्पन्न हुई। कोच्चि के डॉ. जोथीदेव केशवदेव के डायबिटीज़ रिसर्च सेंटर में किए गए एक छोटे सर्वे में पाया गया कि कई रोगी सामाजिक टिप्पणी—जैसे “बहुत पतले हो गए”, “सेहत ठीक नहीं लगती”—के कारण दवा बंद कर देते हैं।

भविष्य की दिशा और चिकित्सीय सलाह

डॉ. नबीन ने अब जिम जाकर मांसपेशी पुनर्निर्माण शुरू कर दिया है। अन्य रोगियों को अतिरिक्त त्वचा की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए सर्जरी आवश्यक हो सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि रेटाट्रुटाइड जैसी शक्तिशाली दवाएँ भविष्य में बारीयाट्रिक सर्जरी की जरूरत को कम कर सकती हैं, पर दीर्घकालिक सुरक्षा, मेटाबोलिक प्रभाव और मानसिक स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी अनिवार्य है।