तिरुचिरापल्ली के महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल (MGMGH) के मिल्क बैंक ने स्तनपान दान करने वाली माताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, दर्जनों माताओं के सहयोग से सैकड़ों नवजात शिशुओं को जीवन रक्षक दूध प्राप्त हुआ है।
मुख्य बातें
- जुलाई में 176 लाभार्थियों को 61,650 मिलीलीटर दूध वितरित किया गया।
- दान करने वाली माताओं की संख्या में जनवरी की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है।
- यह दूध विशेष रूप से बीमार और कम वजन वाले नवजात शिशुओं (NICU) के लिए उपयोग किया जाता है।
- जागरूकता कार्यक्रमों के कारण स्तनपान के प्रति सकारात्मक बदलाव आया है।
तिरुचिरापल्ली: महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल (MGMGH) स्थित मिल्क बैंक ने स्तनपान दान करने वाली माताओं की भागीदारी में एक बड़ी सफलता हासिल की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई माह में कुल 61,650 मिलीलीटर मां का दूध 176 लाभार्थियों को प्रदान किया गया। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
मिल्क बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में 92 महिलाओं ने अस्पताल में दूध दान किया, जबकि 8 दानदाताओं ने बाहरी स्रोतों से योगदान दिया। यदि हम इस साल की शुरुआत से तुलना करें, तो जनवरी में केवल 31,050 मिलीलीटर दूध 141 शिशुओं को दिया गया था। यह दर्शाता है कि दान की मात्रा और लाभार्थियों की संख्या दोनों में लगभग दोगुना सुधार हुआ है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के मिल्क बैंक नवजात मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से उन शिशुओं के लिए जो नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में भर्ती हैं, मां का दूध सबसे सुरक्षित और पौष्टिक आहार है। पर्याप्त मात्रा में दान प्राप्त होना अस्पताल की जीवन रक्षक क्षमता को सीधे तौर पर बढ़ाता है।
"परामर्श और जागरूकता कार्यक्रमों की बदौलत अधिक नई माताएं स्तनपान का विकल्प चुन रही हैं, लेकिन तिरुचि में अभी भी दान करने वाली माताओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है," - डॉ. पद्मप्रिया, बाल रोग विशेषज्ञ।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: MGMGH मिल्क बैंक अगस्त 2015 से कार्यरत है। यह अस्पताल में जन्म लेने वाली स्वस्थ माताओं से अतिरिक्त दूध एकत्र करता है और उसे संसाधित (process) करता है, ताकि इसे उन शिशुओं को दिया जा सके जो चिकित्सकीय रूप से कमजोर हैं।
स्तनपान बनाम जीवनशैली: एक बहस
स्तनपान जागरूकता सप्ताह के हिस्से के रूप में, हाल ही में एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई। विशेषज्ञों के बीच इस बात पर बहस हुई कि आधुनिक जीवनशैली स्तनपान में बाधा है या जागरूकता की कमी। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि परिवार का समर्थन और सामुदायिक शिक्षा इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. मिल्क बैंक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य बीमार और कम वजन वाले शिशुओं को सुरक्षित और पौष्टिक मां का दूध उपलब्ध कराना है।
2. दान में कौन भाग ले सकता है?
स्वस्थ स्तनपान कराने वाली माताएं जो अपने बच्चे को दूध पिलाने के बाद अतिरिक्त दूध दान करना चाहती हैं, वे इसमें भाग ले सकती हैं।