तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार से मौजूदा MR वैक्सीन के स्थान पर MMR वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) में शामिल करने का आग्रह किया है ताकि मम्प्स के बढ़ते मामलों को रोका जा सके।

मुख्य बातें

  • तमिलनाडु सरकार ने केंद्र को MMR वैक्सीन शामिल करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
  • राज्य में मम्प्स (Mumps) के मामले सामने आने के बाद यह मांग उठाई गई है।
  • वर्तमान में UIP में केवल MR (खसरा-रुबेला) वैक्सीन उपलब्ध है।
  • छोटे बच्चों में मम्प्स के कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।

तमिलनाडु की स्वास्थ्य सरकार ने एक बार फिर केंद्र सरकार से यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) के तहत MMR (खसरा, कण्ठमाला और रुबेला) वैक्सीन को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। राज्य प्रशासन का तर्क है कि वर्तमान में दी जाने वाली MR (खसरा-रुबेला) वैक्सीन के स्थान पर MMR वैक्सीन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि मम्प्स (Mumps) जैसी बीमारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।

मम्प्स के बढ़ते मामले और स्वास्थ्य चिंताएं

हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अभी "खतरनाक" नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में मम्प्स के मामले दर्ज किए गए हैं। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को सौंपे गए एक ज्ञापन में, तमिलनाडु ने वैज्ञानिक आधार पर इस बदलाव की मांग की है। वर्ष 2024 में भी राज्य ने इसी तरह का अनुरोध किया था, जिसके बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशालय (DPH) ने इस पर विस्तृत अध्ययन किया था।

BozokMedia विश्लेषण: क्यों जरूरी है यह बदलाव?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि वर्तमान टीकाकरण अंतराल के कारण बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा के अनुसार, 2024 के शुरुआती महीनों में तमिलनाडु में मम्प्स के 1,726 मामले सामने आए थे, जिनमें 0-6 वर्ष के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित थे। मम्प्स के कारण न केवल सूजन हो सकती है, बल्कि यह बांझपन (infertility) जैसे गंभीर परिणामों का कारण भी बन सकता है।

मम्प्स का टीकाकरण न होना सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति में एक बड़ी कमी है, जो बच्चों को मेनिन्जाइटिस और अन्य गंभीर जटिलताओं के प्रति संवेदनशील बनाता है।

टीकाकरण तुलना: MR बनाम MMR

विशेषताMR वैक्सीन (वर्तमान UIP)MMR वैक्सीन (IAP अनुशंसित)
कवरेजखसरा और रुबेलाखसरा, मम्प्स और रुबेला
खुराक का समय9-12 माह और 16-24 माह9 माह, 15 माह और 4-6 वर्ष
उपलब्धतासरकारी केंद्र (UIP)मुख्यतः निजी अस्पताल
क्या आप जानते हैं?: मम्प्स के वायरस से होने वाली सूजन (Orchitis) पुरुषों में भविष्य में बांझपन का एक प्रमुख कारण बन सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. वर्तमान में सरकारी टीकाकरण में कौन सी वैक्सीन उपलब्ध है?

वर्तमान में UIP के तहत केवल MR (खसरा और रुबेला) वैक्सीन दी जा रही है।

2. मम्प्स से बच्चों को क्या खतरा है?

मम्प्स से बच्चों में मेनिन्जाइटिस, एन्सेफलाइटिस और अग्नाशयशोथ (pancreatitis) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।