टोरंटो विश्वविद्यालय के नवीनतम अध्ययन ने दिखाया कि प्रतिदिन तीन सर्विंग पूर्ण वसा वाले दूध से वजन, कोलेस्ट्रॉल या इंसुलिन प्रतिरोध में कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया, बल्कि रक्तचाप में सुधार और पोषक तत्वों की बढ़ी हुई मात्रा भी देखी गई। यह परिणाम इस बात को उजागर करता है कि दूध की जटिल संरचना उसके स्वास्थ्य प्रभावों को निर्धारित करती है, न कि केवल संतृप्त वसा की मात्रा।

मुख्य बिंदु

  • तीन सर्विंग पूर्ण वसा वाले दूध से वजन या कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि नहीं हुई।
  • रक्तचाप में सुधार और कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन D की खपत बढ़ी।
  • दूध की संरचना (डैरी मैट्रिक्स) स्वास्थ्य प्रभावों को प्रभावित करती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कई दशकों से स्वास्थ्य संस्थानों ने कम वसा वाले दूध को प्राथमिकता देने की सलाह दी है, क्योंकि संतृप्त वसा को हृदय रोग के जोखिम से जोड़ा जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ शोधों ने इस संबंध को चुनौती दी है, जिससे अब पोषण विज्ञान में एक बदलाव की लहर चल रही है।

अध्ययन का विवरण

टोरंटो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैवरी एंडरसन द्वारा नेतृत्व किया गया 12-सप्ताह का अध्ययन 74 वयस्कों को तीन समूहों में बाँटता है। एक समूह ने कम-डैरी, कैलोरी‑सीमित आहार अपनाया, जबकि दो अन्य समूहों ने प्रतिदिन तीन सर्विंग पूर्ण वसा वाले दूध को अपने आहार में शामिल किया। सभी प्रतिभागियों को कैनेडियन फ़ूड गाइड के अनुसार पोषण सलाह दी गई।

अध्ययन के अंत में, वजन, शरीर संरचना और रक्त लिपिड स्तरों में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। इसके विपरीत, दूध सेवन करने वाले समूह में रक्तचाप में सुधार और कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन D की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह अध्ययन न केवल मौजूदा डाइटरी गाइडलाइन को पुनः विचार करने की आवश्यकता दिखाता है, बल्कि विशेषकर वृद्ध वयस्कों के लिए प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति में पूर्ण वसा वाले दूध की भूमिका को उजागर करता है।

"डैरी मैट्रिक्स सिद्धांत बताता है कि दूध की जटिल संरचना पोषक तत्वों की धीरे‑धीरे रिलीज़ को संभव बनाती है, जिससे संभावित लाभ मिलते हैं," एंडरसन ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: 1950 के दशक में, कई देशों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान के तहत कम‑वसा वाले दूध को अनिवार्य कर दिया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या पूर्ण वसा वाला दूध हृदय रोग का जोखिम बढ़ाता है?

उत्तर: वर्तमान अध्ययन और कई अन्य शोध इस संबंध में कोई स्पष्ट जोखिम नहीं दिखाते।

प्रश्न 2: वृद्ध वयस्कों को कितना दूध लेना चाहिए?

उत्तर: व्यक्तिगत कैलोरी और पोषण आवश्यकताओं के आधार पर, प्रतिदिन 2‑3 सर्विंग पूर्ण वसा वाला दूध उपयुक्त हो सकता है।