पुडुचेरी स्थित जिपमेर ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए J-CARES केंद्र की स्थापना की है। इसके तहत 'THINK RIGHT' सत्रों के माध्यम से तनाव प्रबंधन और समग्र कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- जिपमेर ने छात्रों की मानसिक भलाई के लिए J-CARES केंद्र की स्थापना की।
- 'THINK RIGHT' सत्रों के माध्यम से तनाव प्रबंधन, योग और माइंडफुलनेस का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- यह पहल भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।
पुडुचेरी के प्रतिष्ठित जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिपमेर) ने अपने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्थान ने J-CARES (Jipmer Centre for Counselling, Assistance, Resilience and Empowerment of Students) की शुरुआत की है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच भावनात्मक लचीलापन विकसित करना और एक ऐसा सहायक शिक्षण वातावरण बनाना है जहाँ छात्र बिना किसी झिझक के मदद मांग सकें।
संस्थान के निदेशक वीर सिंह नेगी के मार्गदर्शन में स्थापित J-CARES का लक्ष्य मानसिक स्वास्थ्य सहायता को सुलभ बनाना और संस्थान के भीतर 'जल्दी मदद मांगने' (early help-seeking) की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत हाल ही में डीन (अकादमिक) विक्रम काटे द्वारा 'THINK RIGHT' सत्रों का उद्घाटन किया गया, जो छात्रों के लिए एक साल तक चलने वाला समग्र कल्याण कार्यक्रम है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, चिकित्सा शिक्षा अत्यधिक तनावपूर्ण होती है, जिससे छात्रों में बर्नआउट और अवसाद का खतरा बढ़ जाता है। J-CARES जैसी पहल न केवल शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार करती है, बल्कि भविष्य के डॉक्टरों को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है ताकि वे अपने मरीजों की बेहतर देखभाल कर सकें। यह कदम चिकित्सा जगत में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं (stigma) को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
'THINK RIGHT' कार्यक्रम के अंतर्गत तनाव प्रबंधन, भावनात्मक विनियमन, माइंडफुलनेस, प्रभावी संचार, समय प्रबंधन और नींद की स्वच्छता (sleep hygiene) जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, छात्रों को योग, शारीरिक गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि उनके शारीरिक और सामाजिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बना रहे।
"संस्थागत मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों को मजबूत करना केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा में एक अनिवार्य आवश्यकता है।"
यह पूरी पहल भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सिफारिशों के अनुरूप है, जो देश भर में आत्महत्या रोकथाम और संस्थागत मानसिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। J-CARES के समन्वयक स्वरूप कुमार साहू ने इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई है।
Frequently Asked Questions
1. J-CARES का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य जिपमेर के छात्रों को परामर्श, भावनात्मक सहायता और लचीलापन प्रदान करना है ताकि वे मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
2. 'THINK RIGHT' सत्रों में क्या सिखाया जाएगा?
इसमें तनाव प्रबंधन, योग, माइंडफुलनेस, समय प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।