जनवरी 2026 से देय वेतन संशोधन न मिलने के कारण लगभग 9,000 जूनियर डॉक्टरों ने तीन चरणों में स्ट्राइक शुरू किया। 17 अगस्त से आपातकालीन सेवाओं सहित सभी सेवाओं को रोक दिया गया, जिससे राज्य भर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गंभीर व्यवधान आया।

मुख्य बिंदु

  • 9,000 जूनियर डॉक्टरों ने 17 अगस्त से आपातकालीन सेवाओं को रोक दिया।
  • वेतन संशोधन जनवरी 2026 से देय था, लेकिन अभी तक नहीं हुआ।
  • एपीजुडा ने तीन चरणों में स्ट्राइक शुरू किया, अब आपातकालीन विभाग भी बंद।

स्ट्राइक की पृष्ठभूमि

अंध्र प्रदेश में अंध्र प्रदेश जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (APJUDA) ने 11 अगस्त 2026 से चरणबद्ध स्ट्राइक शुरू किया, जो वेतन संशोधन के न मिलने के विरोध में है। सरकार ने 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले 15% वार्षिक वृद्धि को अभी तक लागू नहीं किया, जिससे डॉक्टरों में निराशा बढ़ी।

वेतन विवाद का इतिहास

2009 में जारी सरकारी आदेश क्रमांक 287 के तहत हर दो साल में वेतन में लगभग 15% की वृद्धि निर्धारित की गई थी, जो 2019 और 2024 में लागू हुई। 2026 की वृद्धि अभी भी बकाया है, जबकि मुद्रास्फीति लगभग 5% वार्षिक रही है। डॉक्टरों ने 30% की वृद्धि की मांग की, जो IMA AP State और एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने “असामान्य” कहा है।

स्ट्राइक के चरण

पहला चरण (11 अगस्त): 9 बजे से 1 बजे तक गैर-आपातकालीन सेवाओं को बंद, आपातकालीन और ICU सेवाएँ जारी।

दूसरा चरण (12 अगस्त से): गैर-आपातकालीन सेवाओं को 9 बजे से 4 बजे तक विस्तारित, साथ ही हड़ताल जारी।

तीसरा चरण (17 अगस्त से): आपातकालीन सेवाओं सहित ICU, कैसुअल्टी और लेबर रूम भी बंद, जिससे रोगियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

अन्य माँगें

APJUDA ने राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) के मानकों के अनुसार MSc और PhD धारकों की नियुक्ति को सीमित करने, तथा डॉक्टरों की सेवा आयु को 62 से 65 वर्ष बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that prolonged disruption of emergency services can lead to increased mortality rates and undermine public trust in the healthcare system, pressuring the state government to negotiate a swift resolution.

डॉक्टरों का उचित वेतन स्वास्थ्य प्रणाली की स्थिरता के लिए आवश्यक है।
Did You Know?: अंध्र प्रदेश में 2019 में भी डॉक्टरों ने समान वेतन विवाद के कारण प्रदर्शन किया था, जो अंततः सरकार द्वारा 15% वृद्धि के साथ हल किया गया।

Frequently Asked Questions

  • स्ट्राइक का मरीजों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? आपातकालीन विभाग बंद होने से गंभीर मामलों में उपचार में देरी और संभावित मृत्यु दर में वृद्धि हो सकती है।
  • सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं? सरकार ने 3% और 5% की सीमित वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, लेकिन APJUDA की 30% की मांग को अभी तक मंजूरी नहीं दी गई।