चेन्नई के ग्लेनगल्स अस्पताल के डॉक्टरों ने अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक का उपयोग करके निगलने की दुर्लभ समस्या से जूझ रहे दो मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है। इसमें भारत और बेल्जियम के मरीज शामिल थे।
- ग्लीनगल्स अस्पताल के विशेषज्ञों ने D-POEM और Z-POEM जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया।
- मरीजों में भारत की 73 वर्षीय बर्नथ मैरी और बेल्जियम के 75 वर्षीय थियो हेलन बेटेंस शामिल थे।
- यह उपचार बिना किसी चीरे (scarless) के एंडोस्कोपिक विधि से किया गया।
चेन्नई के पेरुम्बक्कम स्थित ग्लीनगल्स अस्पताल (Gleneagles Hospital) के चिकित्सा विशेषज्ञों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए निगलने के दुर्लभ विकार (swallowing disorder) से पीड़ित दो मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया है। इस चिकित्सा सफलता में अत्याधुनिक 'स्कारलेस' एंडोस्कोपिक तकनीकों का उपयोग किया गया, जिसने मरीजों के जीवन में सुधार किया है।
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. बी. महादेवन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि उपचार कराने वाले मरीजों में 73 वर्षीय बर्नथ मैरी (अरियालुर जिला) और 75 वर्षीय थियो हेलन बेटेंस (बेल्जियम) शामिल थे। बर्नथ मैरी को भोजन निगलने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी, जबकि बेल्जियम के श्री बेटेंस को बिना पचा हुआ भोजन वापस आने (regurgitation) की समस्या थी।
उपचार की आधुनिक तकनीक
मरीजों की स्थिति गंभीर होने के कारण, डॉक्टरों ने D-POEM (डाइवर्टिकुलर पेर-ओरल एंडोस्कोपिक मायोटॉमी) और Z-POEM (जेनकर पेर-ओरल एंडोस्कोपिक मायोटॉमी) जैसी जटिल एंडोस्कोपिक सर्जरी का सहारा लिया। ये प्रक्रियाएं शरीर पर किसी भी बाहरी कट या निशान के बिना की जाती हैं, जिससे रिकवरी तेज होती है।
उन्नत एंडोस्कोपिक तकनीकें अब जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों के लिए बिना चीरे के सुरक्षित विकल्प प्रदान कर रही हैं।
BozokMedia विश्लेषण
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वैश्विक चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) के बढ़ते दौर में, भारत के अस्पताल अब जटिल अंतरराष्ट्रीय मामलों को संभालने में सक्षम हैं। बेल्जियम जैसे विकसित देश के मरीज का भारत आकर इलाज कराना भारतीय चिकित्सा कौशल और किफायती लागत पर वैश्विक भरोसे को दर्शाता है।
ग्लीनगल्स अस्पताल, जो कि फोर्टिस नेटवर्क का हिस्सा है, ने इस सफलता के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के संगम से दुर्लभ रोगों का समाधान संभव है। अस्पताल की मुख्य परिचालन अधिकारी डॉ. एस. निरंजनी ने भी इस सफल चिकित्सा अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: D-POEM और Z-POEM क्या हैं?
उत्तर: ये उन्नत एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं हैं जिनका उपयोग खाने की नली में रुकावट या मांसपेशियों की समस्या को ठीक करने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 2: क्या इस प्रक्रिया में कोई निशान (scar) रह जाता है?
उत्तर: नहीं, ये प्रक्रियाएं 'स्कारलेस' होती हैं क्योंकि इनमें शरीर के बाहर कोई चीरा नहीं लगाया जाता।