कसारगोड जिला कलेक्टर अर्जुन पांडियन ने पेरीये में 274 एकड़ भूमि को AIIMS के लिए सबसे उपयुक्त स्थल के रूप में प्रस्तावित किया है। यह कदम एंडोसल्फान पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
- कलेक्टर ने पेरीये में 274.69 एकड़ PCK भूमि का प्रस्ताव दिया है।
- यह स्थल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी मानदंडों को पूरा करता है।
- AIIMS बनने से एंडोसल्फान पीड़ितों को विशेष चिकित्सा सहायता मिलेगी।
- परियोजना से उत्तरी केरल और कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्रों को लाभ होगा।
कसारगोड, केरल: कसारगोड जिला कलेक्टर अर्जुन पांडियन ने राज्य सरकार को एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें पेरीये (Periye) क्षेत्र में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के लिए 274.69 एकड़ भूमि का प्रस्ताव दिया गया है। यह भूमि वर्तमान में केरल प्लांटेशन कॉरपोरेशन (PCK) के स्वामित्व में है।
कलेक्टर द्वारा तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के सचिव को भेजी गई है। इस प्रस्ताव में डिजिटल सर्वे स्केच, ड्रोन फुटेज और साइट की विस्तृत तस्वीरें शामिल हैं। कलेक्टर के अनुसार, यह स्थल केंद्र सरकार द्वारा सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के लिए निर्धारित सभी मानदंडों, जैसे न्यूनतम 200 एकड़ भूमि, सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता को पूरा करता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक चिकित्सा संस्थान का निर्माण नहीं है, बल्कि यह उत्तरी केरल के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव है। पेरीये का चयन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रीय राजमार्ग 66, कान्हांगड़ और कसारगोड रेलवे स्टेशनों के करीब है, और मंगलुरु तथा कन्नूर हवाई अड्डों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
पेरीये में AIIMS की स्थापना न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि यह एंडोसल्फान के दुष्प्रभावों से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए आशा की एक नई किरण होगी।
इस प्रस्तावित संस्थान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू एंडोसल्फान पीड़ितों को मिलने वाली सहायता है। यह संस्थान न्यूरोलॉजी, पर्यावरण चिकित्सा और पुनर्वास के लिए एक शीर्ष केंद्र के रूप में कार्य कर सकता है। इसके अतिरिक्त, यह केंद्रीय विश्वविद्यालय केरल, ICAR और CPCRI जैसे संस्थानों के साथ मिलकर अनुसंधान के नए द्वार खोलेगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कसारगोड जिला लंबे समय से एंडोसल्फान कीटनाशक के उपयोग के कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है। इस क्षेत्र में हजारों लोग शारीरिक और मानसिक विकलांगता के साथ जी रहे हैं, जिसके लिए एक समर्पित सुपर-स्पेशियलिटी केंद्र की मांग दशकों से की जा रही है।
Frequently Asked Questions
1. प्रस्तावित AIIMS स्थल कितना बड़ा है?
प्रस्तावित स्थल पर 274.69 एकड़ की निरंतर सरकारी भूमि उपलब्ध है।
2. इस परियोजना से किन क्षेत्रों को लाभ होगा?
इससे उत्तरी केरल और कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ और कोडागु जिलों के लोगों को लाभ होगा।