लंदन में अल्ट्रा लो एमिशन ज़ोन (ULEZ) लागू होने के बाद बच्चों के फेफड़ों की कार्यक्षमता में तेजी से सुधार देखा गया है। वैज्ञानिकों ने इस 'कैच-अप' विकास को देखकर हैरानी जताई है।

  • लंदन में ULEZ लागू होने के बाद बच्चों के फेफड़ों की क्षमता में तेजी से सुधार हुआ है।
  • 5 साल के अध्ययन में पाया गया कि लंदन के बच्चों का फेफड़ों का विकास लुटन के बच्चों के बराबर पहुंच गया।
  • क्लीन एयर ज़ोन प्रदूषण से होने वाले दीर्घकालिक नुकसान को कम करने में प्रभावी साबित हो रहे हैं।

वैज्ञानिकों ने लंदन में लागू किए गए अल्ट्रा लो एमिशन ज़ोन (ULEZ) के प्रभाव को लेकर चौंकाने वाले परिणाम साझा किए हैं। एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि जिन बच्चों के फेफड़ों का विकास प्रदूषण के कारण रुक गया था, उनमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों के लागू होने के बाद तेजी से सुधार और विकास देखा गया।

क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के शोधकर्ताओं ने लंदन और लुटन के 3,400 से अधिक प्राथमिक स्कूली बच्चों का पांच वर्षों तक बारीकी से अध्ययन किया। अध्ययन से पता चलता है कि 2019 में ULEZ की शुरुआत के बाद, लंदन के बच्चों के फेफड़ों की क्षमता में वह 'कैच-अप' वृद्धि हुई जो पहले कभी नहीं देखी गई थी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वायु प्रदूषण केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के शारीरिक विकास के लिए एक गंभीर खतरा है। बच्चों के फेफड़े और प्रतिरक्षा प्रणाली अभी विकसित हो रही होती है, जिससे वे वाहनों के धुएं और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। यह अध्ययन साबित करता है कि नीतिगत बदलाव सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुधार सकते हैं।

"मैं परिणामों को देखकर पूरी तरह से दंग रह गया। लंदन समूह में फेफड़ों की क्षमता में सुधार की गति आश्चर्यजनक और प्रभावशाली थी।" - प्रो. क्रिस ग्रिफिथ्स

अध्ययन के दौरान, शोधकर्ताओं ने पाया कि लंदन में 'क्लिनिकली इम्पैयर्ड' (फेफड़ों की क्षति के लक्षण) वाले बच्चों का अनुपात 14% से गिरकर 9% रह गया। तुलनात्मक रूप से, लुटन में यह गिरावट 9% से 7% थी। यह स्पष्ट संकेत है कि लंदन में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के स्तर में अधिक तेजी से गिरावट आई, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ।

ऐतिहासिक रूप से, वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव विनाशकारी रहा है। 2020 में, लंदन की 9 वर्षीय एला अदू-किसी-डेबरा मृत्यु होने वाली पहली व्यक्ति बनी, जिसकी मृत्यु का कारण आधिकारिक तौर पर वायु प्रदूषण को माना गया था। यह घटना स्वच्छ हवा के लिए वैश्विक आंदोलनों का एक महत्वपूर्ण मोड़ बनी थी।

Did You Know?: बच्चे जमीन के करीब होते हैं, जहाँ वाहनों के धुएं और हानिकारक गैसों का घनत्व सबसे अधिक होता है, जिससे वे वयस्कों की तुलना में अधिक जोखिम में होते हैं।

Frequently Asked Questions

1. ULEZ क्या है?
अल्ट्रा लो एमिशन ज़ोन (ULEZ) एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर शुल्क लगाया जाता है ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके।

2. क्या यह सुधार केवल प्रदूषण कम होने से हुआ?
हालांकि प्रदूषण में कमी मुख्य कारण है, लेकिन विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि स्वच्छ हवा के कारण बच्चों द्वारा पैदल चलने या साइकिल चलाने में वृद्धि ने भी मदद की होगी।