कर्नाटक राज्य एड्स रोकथाम सोसायटी की संयुक्त निदेशक गिरिजा थायी ने 2030 तक भारत को एचआईवी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास और जन जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- 2030 तक भारत को एचआईवी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- जन जागरूकता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सफलता की कुंजी है।
- स्वास्थ्य अधिकारियों ने जिला स्तर पर केंद्रों का निरीक्षण किया।
मंगलुरु में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, कर्नाटक राज्य एड्स रोकथाम सोसायटी की संयुक्त निदेशक (इन्फ्रास्ट्रक्चर), गिरिजा थायी ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य साझा किया। उन्होंने आह्वान किया कि भारत को 2030 तक एचआईवी मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को एक साथ आना होगा।
डॉ. थायी ने दक्षिण कन्नड़ के एड्स नियंत्रण केंद्रों की मासिक प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि एक सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और विभिन्न स्वास्थ्य विभाग अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन सफलता तभी मिलेगी जब आम जनता भी इसमें सक्रिय रूप से सहयोग करेगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में एचआईवी उन्मूलन के लिए केवल चिकित्सा उपचार पर्याप्त नहीं है; इसके लिए सामाजिक कलंक (stigma) को मिटाना और जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाना अनिवार्य है। 2030 का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बुनियादी ढांचे और परीक्षण केंद्रों की सुलभता को बढ़ाना होगा।
एचआईवी मुक्त भारत का निर्माण करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें जन जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।
डॉ. थायी और उनकी टीम ने हाल ही में बेलथांगडी और पुत्तूर के सरकारी अस्पतालों में एकीकृत परामर्श और परीक्षण केंद्रों (ICTC) का दौरा किया। इसके अलावा, उन्होंने उल्लाल के सरकारी शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और गवर्नमेंट वेनलोक अस्पताल का भी निरीक्षण किया ताकि मौजूदा सुविधाओं और सेवाओं की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम दशकों से सक्रिय है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के नेतृत्व में, देश ने संक्रमण की दर को कम करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है, लेकिन अब ध्यान 'उन्मूलन' (Elimination) की ओर स्थानांतरित हो गया है, जिसका लक्ष्य 2030 तक नए संक्रमणों को शून्य पर लाना है।
Frequently Asked Questions
1. भारत का एचआईवी मुक्त होने का लक्ष्य क्या है?
भारत सरकार और स्वास्थ्य निकायों का लक्ष्य 2030 तक नए एचआईवी संक्रमणों को समाप्त करना है।
2. जागरूकता क्यों महत्वपूर्ण है?
जागरूकता से न केवल संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है, बल्कि एचआईवी से पीड़ित लोगों के प्रति सामाजिक भेदभाव को भी कम किया जा सकता है।