अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अपनी शारीरिक ताकत बनाए रखने के लिए पावरलिफ्टिंग के महत्व को साझा किया है। जानिए यह खेल कैसे काम करता है और यह सामान्य जिम ट्रेनिंग से कैसे अलग है।

  • रणदीप हुड्डा अधिकतम ताकत विकसित करने के लिए अपने वर्कआउट में पावरलिफ्टिंग को शामिल करते हैं।
  • पावरलिफ्टिंग मुख्य रूप से तीन लिफ्ट्स पर आधारित है: स्क्वाट, बेंच प्रेस और डेडलिफ्ट।
  • ओलंपिक वेटलिफ्टिंग के विपरीत, पावरलिफ्टिंग विस्फोटक गति के बजाय शुद्ध शारीरिक शक्ति पर केंद्रित है।

अपनी इंटेंस फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए जाने जाने वाले बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने हाल ही में अपने फिटनेस रूटीन के बारे में खुलासा किया है। 'द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया' के साथ बातचीत में, हुड्डा ने बताया कि वह "काफी पावरलिफ्टिंग" करते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके लक्ष्य के अनुसार उनका रूटीन बदलता रहता है। तीव्रता को संतुलित करने के लिए, वह बीच-बीच में टहलने जैसी हल्की गतिविधियों को भी अपनाते हैं।

हुड्डा की इस पसंद के पीछे के विज्ञान को समझाते हुए, मुंबई के जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र की कंसल्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुप्रिया पाटिल बताती हैं कि पावरलिफ्टिंग एक विशेष स्ट्रेंथ स्पोर्ट है। सामान्य जिम ट्रेनिंग, जो अक्सर केवल दिखावट (Aesthetics) पर केंद्रित होती है, के विपरीत पावरलिफ्टिंग का एकमात्र उद्देश्य शरीर की अधिकतम शक्ति को विकसित करना है।

पावरलिफ्टिंग के तीन मुख्य स्तंभ

यह खेल तीन बुनियादी मूवमेंट्स पर आधारित है, जिनमें से प्रत्येक शरीर के अलग-अलग हिस्सों की ताकत का परीक्षण करता है:

  • स्क्वाट (Squat): यह मुख्य रूप से पैरों और कूल्हों पर काम करता है और इसमें कोर कंट्रोल की आवश्यकता होती है।
  • बेंच प्रेस (Bench Press): यह छाती, कंधों और हाथों की प्रेसिंग स्ट्रेंथ को विकसित करता है।
  • डेडलिफ्ट (Deadlift): इसमें फर्श से बारबेल को उठाना होता है, जिसके लिए पीठ, कूल्हों और पैरों की जबरदस्त ताकत चाहिए।
"इसका उद्देश्य सही तकनीक और प्रतियोगिता के नियमों का पालन करते हुए प्रत्येक व्यायाम में अधिकतम संभव वजन उठाना है।"

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि मशहूर हस्तियों द्वारा पावरलिफ्टिंग को बढ़ावा देना फिटनेस के प्रति नजरिए में बदलाव का संकेत है। अब लोग केवल 'मसल्स' बनाने (बॉडीबिल्डिंग) के बजाय 'फंक्शनल स्ट्रेंथ' (कार्यात्मक शक्ति) को अधिक महत्व दे रहे हैं। रणदीप हुड्डा जैसे सितारे यह संदेश दे रहे हैं कि शारीरिक मजबूती केवल दिखने में नहीं, बल्कि प्रदर्शन में होनी चाहिए।

विशेषतापावरलिफ्टिंगओलंपिक वेटलिफ्टिंग
मुख्य लिफ्ट्सस्क्वाट, बेंच प्रेस, डेडलिफ्टस्नैच, क्लीन एंड जर्क
प्राथमिक लक्ष्यअधिकतम कच्ची ताकतविस्फोटक शक्ति और गति
मुख्य फोकसफोर्स प्रोडक्शनतकनीकी चपलता और वेग

जो लोग हुड्डा से प्रेरित होकर इसे शुरू करना चाहते हैं, उन्हें विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वे केवल भारी वजन उठाने की होड़ (Ego Lifting) में न पड़ें। डॉ. पाटिल का कहना है कि शुरुआती लोगों के लिए वजन से ज्यादा सही तकनीक सीखना प्राथमिकता होनी चाहिए।

क्या आप जानते हैं?: पेशेवर पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में, लिफ्टर्स को प्रत्येक लिफ्ट के लिए तीन प्रयास मिलते हैं, और उनके सबसे सफल लिफ्ट का योग उनकी कुल रैंकिंग तय करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या पावरलिफ्टिंग शुरुआती लोगों के लिए सुरक्षित है?
हाँ, बशर्ते वे पहले तकनीक सीखें और पेशेवर देखरेख में धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं।

प्रश्न 2: यह बॉडीबिल्डिंग से कैसे अलग है?
बॉडीबिल्डिंग का ध्यान मांसपेशियों के आकार और बनावट पर होता है, जबकि पावरलिफ्टिंग का ध्यान अधिकतम वजन उठाने की क्षमता पर होता है।