अरविंद आई केयर सिस्टम के एक बड़े अध्ययन में पाया गया कि मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान संक्रमण रोकने में महंगे लैमिनार एयर फ्लो (LAF) और HEPA फिल्टर का कोई खास फायदा नहीं होता है।

  • मोतियाबिंद सर्जरी में संक्रमण रोकने के लिए महंगे एयर फिल्टर (HEPA/LAF) अनिवार्य नहीं हैं।
  • 4.5 लाख से अधिक सर्जरी के विश्लेषण में संक्रमण दर मात्र 0.016% पाई गई।
  • कठोर एसेप्टिक प्रोटोकॉल का पालन करना महंगे बुनियादी ढांचे से अधिक महत्वपूर्ण है।

दक्षिण भारत के एक प्रमुख नेत्र देखभाल संस्थान, अरविंद आई केयर सिस्टम (AECS) द्वारा किए गए एक व्यापक अध्ययन ने चिकित्सा जगत में नई बहस छेड़ दी है। इस बहु-केंद्रित अध्ययन में पाया गया कि मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान ऑपरेशन थिएटरों में उन्नत एयर फिल्टर, जैसे कि लैमिनार एयर फ्लो (LAF) और HEPA फिल्टर का उपयोग करने से संक्रमण (Endophthalmitis) की दर में कोई अतिरिक्त कमी नहीं आती है।

अध्ययन का विस्तृत विश्लेषण

यह अध्ययन 2023 के दौरान AECS के 14 क्षेत्रीय अस्पतालों में की गई 4,52,770 मोतियाबिंद सर्जरी के परिणामों का विश्लेषण करने के बाद किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि चाहे ऑपरेशन थिएटर में हाई-टेक LAF सिस्टम हो या साधारण स्प्लिट एसी, संक्रमण की दर सभी में लगभग समान रही।

अध्ययन के मुख्य लेखक और पुडुचेरी स्थित अरविंद आई केयर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. वेंकटेश ने बताया कि सभी सर्जरी में एक समान सर्जिकल प्रोटोकॉल, एंटीबायोटिक प्रोफिलैक्सिस और इंस्ट्रूमेंट प्रोसेसिंग का पालन किया गया था। इसके बावजूद, अलग-अलग वेंटिलेशन सिस्टम के बीच संक्रमण दर में कोई सांख्यिकीय अंतर नहीं देखा गया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह शोध चिकित्सा बुनियादी ढांचे के खर्च को लेकर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करता है। यदि महंगे एयर फिल्टर का कोई अतिरिक्त लाभ नहीं है, तो विकासशील देशों और संसाधन-सीमित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की लागत को काफी कम किया जा सकता है। यह खोज मोतियाबिंद सर्जरी को दुनिया भर में अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है।

महंगे एयर हैंडलिंग सिस्टम के बजाय कठोर एसेप्टिक प्रोटोकॉल का पालन करना सुरक्षित सर्जरी के लिए अधिक महत्वपूर्ण है।

अध्ययन में पाया गया कि सभी समूहों में पोस्ट-ऑपरेटिव एंडोफ्थाल्मिटिस (POE) की समग्र दर मात्र 0.016% थी। यह दर भुगतान करने वाले और गैर-भुगतान करने वाले दोनों प्रकार के मरीजों के लिए समान रूप से कम थी।

ऐतिहासिक संदर्भ

यह परिणाम चौंकाने वाले नहीं हैं, क्योंकि लगभग एक दशक पहले डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल, नई दिल्ली द्वारा किए गए एक अध्ययन में भी इसी तरह के निष्कर्ष निकले थे। उस अध्ययन ने भी पुष्टि की थी कि माध्यमिक केंद्रों (Secondary Centres), जहाँ LAF और HEPA फिल्टर नहीं थे, वहां संक्रमण की दर तृतीयक केंद्रों (Tertiary Centres) के बराबर ही थी।

Did You Know?: एंडोफ्थाल्मिटिस आंखों का एक गंभीर संक्रमण है जो सर्जरी के बाद दृष्टि हानि का कारण बन सकता है, लेकिन सही स्वच्छता प्रोटोकॉल से इसे रोका जा सकता है।

Frequently Asked Questions

1. क्या मोतियाबिंद सर्जरी के लिए HEPA फिल्टर अनिवार्य हैं?
नहीं, अध्ययन के अनुसार, यदि एसेप्टिक प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए, तो इनके बिना भी सुरक्षित सर्जरी संभव है।

2. एंडोफ्थाल्मिटिस क्या है?
यह सर्जरी के बाद आंखों के अंदर होने वाला एक गंभीर संक्रमण है जो बैक्टीरिया या फंगस के कारण हो सकता है।