ICMR प्रमुख राजीव बाहल ने बताया कि भारत में मौजूदा इन्फ्लुएंजा A मामलों में 98% हिस्सेदारी H1N1 स्ट्रेन की है। उन्होंने जनता को घबराने की सलाह नहीं दी है, लेकिन बुजुर्गों के लिए सावधानी बरतने को कहा है।

  • भारत में इन्फ्लुएंजा A के 98% मामले H1N1 वायरस के कारण हैं।
  • H3N2 स्ट्रेन की हिस्सेदारी केवल 2-3% है।
  • जनता के लिए तत्काल टीकाकरण की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन बुजुर्गों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • वर्तमान वृद्धि मौसमी व्यवहार के अनुरूप है, कोई आपात स्थिति नहीं है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बाहल ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि भारत में वर्तमान में पहचाने जा रहे इन्फ्लुएंजा A मामलों में H1N1 स्ट्रेन की हिस्सेदारी लगभग 98% है। इसके विपरीत, H3N2 स्ट्रेन के मामलों का प्रतिशत मात्र 2-3% है।

बढ़ते संक्रमणों के बीच पैदा हुई चिंता को संबोधित करते हुए, डॉ. बाहल ने स्पष्ट किया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में जो वायरस फैल रहा है वह वही परिचित H1N1 pdm09 स्ट्रेन है, जो 2009 की महामारी के दौरान उभरा था और तब से एक मौसमी इन्फ्लुएंजा वायरस के रूप में मौजूद है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इन्फ्लुएंजा के बदलते स्वरूप को समझना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वायरस में होने वाले मामूली आनुवंशिक परिवर्तन प्राकृतिक हैं और वे हमेशा किसी नई या अधिक खतरनाक लहर का संकेत नहीं होते हैं। अधिकांश मामले हल्के होते हैं और स्वयं ठीक हो जाते हैं।

वर्तमान में H1N1 संक्रमणों में वृद्धि इन्फ्लुएंजा के मौसमी व्यवहार के अनुरूप है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल नहीं है।

टीकाकरण और सावधानी: डॉ. बाहल के अनुसार, सामान्य आबादी के लिए तत्काल मौसमी फ्लू वैक्सीन लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (immunocompromised) वाले लोगों को टीकाकरण के बारे में अपने डॉक्टरों से परामर्श करना चाहिए।

निगरानी और परीक्षण प्रणाली

भारत में इन्फ्लुएंजा की निगरानी ICMR के 73 सेंटिनल अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से की जा रही है। इसके अलावा, 167 वायरस अनुसंधान और नैदानिक प्रयोगशालाएं नियमित रूप से परीक्षण करती हैं। यह प्रणाली न केवल इन्फ्लुएंजा A और B, बल्कि SARS-CoV-2 और अन्य श्वसन वायरस की भी ट्रैकिंग कर रही है।

विशेषताH1N1 स्ट्रेनH3N2 स्ट्रेन
मामलों का प्रतिशत~98%~2-3%
प्रकृतिमौसमी (2009 से)मौसमी बदलाव
जोखिम स्तरसामान्य (बुजुर्गों के लिए उच्च)सामान्य

डॉ. बाहल ने सलाह दी कि जिन लोगों में फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं, उन्हें घर पर आराम करना चाहिए और स्वच्छता का पालन करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एंटीबायोटिक्स का वायरल इन्फ्लुएंजा के इलाज में कोई काम नहीं है; गंभीर मामलों में केवल एंटीवायरल दवाएं ही प्रभावी हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या मुझे तुरंत फ्लू का टीका लगवाना चाहिए?
सामान्य आबादी के लिए तत्काल आवश्यकता नहीं है, लेकिन बुजुर्गों और स्वास्थ्य जोखिम वाले लोगों को डॉक्टर से पूछना चाहिए।

2. क्या H1N1 2009 की महामारी जैसा खतरनाक है?
नहीं, यह अब एक मौसमी वायरस बन चुका है और अधिकांश मामलों में लक्षण हल्के होते हैं।

क्या आप जानते हैं?: इन्फ्लुएंजा वायरस हर सीजन में अपने जीन में छोटे बदलाव करता है, जिसे 'एंटीजेनिक ड्रिफ्ट' कहा जाता है।