केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने घोषणा की है कि राज्य सरकार आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को एलोपैथी के बराबर महत्व देगी। सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए बड़े कदम उठा रही है।

  • आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी को एलोपैथी के समान प्राथमिकता दी जाएगी।
  • आयुष विभाग के लिए आवंटित केंद्र और राज्य के फंड का पूर्ण उपयोग किया जाएगा।
  • पुनालुर तालुक अस्पताल में 24 घंटे विशेषज्ञ कैजुअल्टी सुविधा शुरू होगी।
  • डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए 1960 के दशक के स्टाफिंग पैटर्न को बदला जाएगा।

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शनिवार को सोराणाड नॉर्थ ग्राम पंचायत में एक नए होम्योपैथिक अस्पताल भवन का उद्घाटन करते हुए राज्य की स्वास्थ्य नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के अपनी पसंद की चिकित्सा पद्धति चुनने के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार केवल एलोपैथी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को भी समान प्राथमिकता प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि आयुष (AYUSH) विभाग के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आवंटित सभी धन का उपयोग पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि केरल का यह कदम भारत की एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा के बीच की खाई को पाटना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण भी विकसित करेगा।

पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का एकीकरण स्वास्थ्य सेवाओं में विविधता और समावेशिता लाने के लिए अनिवार्य है।

बुनियादी ढांचे के विकास की बात करते हुए, मंत्री ने घोषणा की कि पुनालुर तालुक अस्पताल को प्रारंभिक चरण में 24 घंटे विशेषज्ञ कैजुअल्टी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड का उपयोग करके अस्पताल में एक एमआरआई (MRI) मशीन स्थापित की जाएगी, जिससे स्थानीय निवासियों और शबरिमला जाने वाले तीर्थयात्रियों को भारी राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र की पुरानी समस्याओं पर चर्चा करते हुए, श्री मुरलीधरन ने स्वीकार किया कि वर्तमान स्टाफिंग पैटर्न 1960 के दशक का है, जो अब अप्रासंगिक हो चुका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और स्टाफिंग पैटर्न को आधुनिक जरूरतों के अनुसार संशोधित किया जाएगा।

साथ ही, सस्तमकोट्टा तालुक अस्पताल के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए ₹5 करोड़ के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है। इस अवसर पर विधायक उल्लास कोवूर और सांसद कोडिकुननिल सुरेश भी उपस्थित थे।

Frequently Asked Questions

1. केरल सरकार किन चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा दे रही है?
सरकार एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी को समान प्राथमिकता दे रही है।

2. पुनालुर तालुक अस्पताल में क्या नया बदलाव होगा?
वहां 24 घंटे विशेषज्ञ कैजुअल्टी सुविधा और एक नई एमआरआई मशीन स्थापित की जाएगी।

Did You Know?: केरल भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है जो पारंपरिक चिकित्सा और आधुनिक विज्ञान के एकीकरण पर विशेष ध्यान दे रहा है।