FSSAI द्वारा प्रस्तावित रेड हेक्सागोनल चेतावनी लेबल में कई खामियां हैं, जो अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों को जांच से बचने का मौका दे सकती हैं। विशेषज्ञों ने पोषक तत्वों की सीमा और लेबल के आकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- FSSAI ने चीनी, नमक और वसा युक्त खाद्य पदार्थों के लिए लाल हेक्सागोनल लेबल का प्रस्ताव दिया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि 'दो या अधिक' पोषक तत्वों की शर्त एक बड़ा लूपहोल है।
- लेबल के आकार और भाषा (हिंदी/अंग्रेजी) की दृश्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर लाल हेक्सागोनल चेतावनी लेबल लगाने का एक नया प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि, पोषण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस ढांचे में मौजूद महत्वपूर्ण कमियां कई अस्वास्थ्यकर उत्पादों को बिना किसी चेतावनी के बाजार में बने रहने की अनुमति दे सकती हैं।
पोषण अधिवक्ता अरुण गुप्ता (NAPI के संयोजक) के अनुसार, प्रस्तावित नियम में एक बड़ी खामी यह है कि चेतावनी केवल तभी दी जाएगी जब किसी उत्पाद में दो या अधिक चिंताजनक पोषक तत्व (जैसे अतिरिक्त चीनी, नमक या संतृप्त वसा) अधिक मात्रा में हों। गुप्ता का तर्क है कि यदि कोई उत्पाद केवल चीनी में बहुत अधिक है लेकिन नमक और वसा में कम है, तो उस पर कोई चेतावनी नहीं होगी, जो कि पूरी तरह से नियम के उद्देश्य को विफल करता है।
क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह मुद्दा केवल लेबलिंग के बारे में नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के बारे में है। यदि नियम कमजोर हैं, तो खाद्य कंपनियां अपने उत्पादों को 'स्वस्थ' दिखाने के लिए तकनीकी शब्दावली का उपयोग कर सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को गलत जानकारी मिल सकती है।
"नियम सरल होना चाहिए: यदि चीनी अधिक है तो चेतावनी दें; यदि नमक अधिक है तो चेतावनी दें; यदि वसा अधिक है तो चेतावनी दें।" - डॉ. अरुण गुप्ता
विशेषज्ञों ने 'अतिरिक्त' (added) पोषक तत्वों के उपयोग और HFSS (उच्च वसा, चीनी और नमक) की परिभाषा पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नियमों को ICMR-NIN के 2024 के आहार संबंधी दिशा-निर्देशों के साथ संरेखित किया जाना चाहिए ताकि वैज्ञानिक सटीकता बनी रहे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में पैकेज्ड फूड पर अनिवार्य पोषण जानकारी तो है, लेकिन स्पष्ट चेतावनी लेबल की कमी रही है। FSSAI 2018 से इस पर काम कर रहा है, लेकिन प्रक्रिया कई बार बाधित हुई है। अंततः, 2026 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही यह मामला तेजी से आगे बढ़ा है।
Frequently Asked Questions
1. FSSAI का नया प्रस्ताव क्या है?
FSSAI पैकेज्ड फूड में उच्च चीनी, नमक और वसा वाले उत्पादों पर लाल हेक्सागोनल चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव दे रहा है।
2. विशेषज्ञों की मुख्य चिंता क्या है?
मुख्य चिंता यह है कि यदि किसी उत्पाद में केवल एक ही खराब पोषक तत्व है, तो उसे चेतावनी से छूट मिल सकती है।