असम के एक 47 वर्षीय डॉक्टर की जिम में वर्कआउट के दौरान अचानक मृत्यु ने हृदय स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना बताती है कि बाहरी फिटनेस हमेशा आंतरिक हृदय स्वास्थ्य का संकेत नहीं होती है।

  • बाहरी फिटनेस और मांसपेशियों का होना हृदय की पूर्ण सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
  • अत्यधिक तनाव, नींद की कमी और डिहाइड्रेशन हृदय गति में घातक बदलाव ला सकते हैं।
  • 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित हृदय जांच (ECG, Stress Test) करानी चाहिए।

असम के नगांव मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. साहिन रहमान की जिम में कसरत के दौरान अचानक हुई मृत्यु ने स्वास्थ्य जगत को झकझोर दिया है। 47 वर्ष की आयु में, एक फिट दिखने वाले डॉक्टर का इस तरह अचानक गिर जाना यह दर्शाता है कि 'साइलेंट कार्डियोवैस्कुलर डिजीज' (Silent Cardiovascular Disease) किसी को भी निशाना बना सकती है।

अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि यदि उनका शरीर सुगठित है, हृदय गति कम है और वे भारी वजन उठा सकते हैं, तो उनका हृदय पूरी तरह स्वस्थ है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक खतरनाक धारणा है। व्यायाम के दौरान जब हृदय पर दबाव बढ़ता है, तो रक्तचाप और ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ती है। यदि शरीर में पहले से ही कोई अज्ञात समस्या जैसे कोरोनरी आर्टरी में रुकावट या लय संबंधी विकार (rhythm disturbance) है, तो यह व्यायाम एक 'स्ट्रेस टेस्ट' की तरह काम करता है और हृदय को अचानक विफल कर सकता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि भारत में हृदय रोग अब बहुत कम उम्र में देखने को मिल रहे हैं। विशेष रूप से 40 की उम्र के बाद, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और जीवनशैली से जुड़े जोखिम संचित होने लगते हैं। डॉक्टरों जैसे उच्च तनाव वाले पेशेवरों के लिए, नींद की कमी और अनियमित खान-पान इस जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं।

हृदय स्वास्थ्य केवल दिखने वाली फिटनेस पर निर्भर नहीं है; यह उन छिपी हुई जटिलताओं के बारे में है जिन्हें व्यायाम के दौरान ही उजागर किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक तीव्रता वाला कार्डियो, भारी वजन उठाना या शरीर की क्षमता से अधिक व्यायाम करना हृदय पर अत्यधिक दबाव डाल सकता है। यदि आपको व्यायाम के दौरान सीने में दबाव, असामान्य सांस फूलना या चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें नजरअंदाज न करें।

Did You Know?: क्या आप जानते हैं कि अत्यधिक डिहाइड्रेशन भी हृदय की लय को बिगाड़ सकता है, जिससे अचानक कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है?

Frequently Asked Questions

1. क्या नियमित जिम जाने वाले लोगों को भी हार्ट अटैक आ सकता है?
हाँ, यदि उन्हें कोई अज्ञात हृदय रोग या 'साइलेंट' समस्या है, तो तीव्र व्यायाम उसे ट्रिगर कर सकता है।

2. हृदय की सुरक्षा के लिए कौन से टेस्ट जरूरी हैं?
35 की उम्र के बाद नियमित रूप से ECG, 2D Echo और स्ट्रेस टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।