बॉलीवुड अभिनेत्री तारा सुतारिया ने डिस्केलकुलिया के बारे में बात की है, जो एक ऐसी सीखने की अक्षमता है जिससे संख्याओं और वित्त को संभालना कठिन हो जाता है। उन्होंने महिलाओं के लिए वित्तीय साक्षरता के महत्व पर जोर दिया।

  • तारा सुतारिया ने खुलासा किया कि उन्हें डिस्केलकुलिया है, जो गणितीय क्षमता को प्रभावित करने वाली एक अक्षमता है।
  • अभिनेत्री अपने वित्तीय पोर्टफोलियो को प्रबंधित करने के लिए अपने पिता और एक पेशेवर अकाउंट्स टीम पर निर्भर हैं।
  • डिस्केलकुलिया की तुलना डिस्लेक्सिया से की जाती है, लेकिन यह पढ़ने के बजाय संख्यात्मक प्रसंस्करण को प्रभावित करता है।

अपनी बहुमुखी भूमिकाओं और हालिया प्रोजेक्ट 'टॉक्सिक' (Toxic) के लिए जानी जाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री तारा सुतारिया ने डिस्केलकुलिया नामक लर्निंग डिसेबिलिटी के साथ अपने व्यक्तिगत संघर्ष को साझा किया है। एक इंटरव्यू के दौरान, अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि संख्याओं की दुनिया को समझना उनके लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे अक्सर बुनियादी गणनाओं में गलतियां हो जाती हैं।

सुतारिया ने अपने जीवन में अपने पिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जिन्होंने उन्हें निवेश और वित्तीय साक्षरता सिखाने में मदद की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के लिए बैंकिंग और कागजी कार्रवाई की समझ होना अनिवार्य है, भले ही उन्हें संज्ञानात्मक बाधाओं का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा, "मैं कोशिश करती हूँ, लेकिन अक्सर मुझसे गलती हो जाती है। इसलिए मुझे मेरी अकाउंट्स टीम की ज़रूरत होती है, वे सब कुछ देखते हैं।"

डिस्केलकुलिया क्या है?

इस विषय पर गहराई से जानकारी देते हुए, बैंगलोर के एस्टर सीएमआई अस्पताल की मनोरोग सलाहकार डॉ. शारधी सी बताती हैं कि डिस्केलकुलिया एक ऐसी सीखने की कठिनाई है जो संख्याओं को समझने और उनके साथ काम करने की व्यक्ति की क्षमता को बाधित करती है। यह अक्सर बचपन में देखा जाता है, लेकिन कई वयस्कों को इसका एहसास तब होता है जब कार्यस्थल की मांगें या दैनिक वित्तीय कार्य कठिन हो जाते हैं।

सामान्य शिक्षा की कमी के विपरीत, डिस्केलकुलिया मस्तिष्क की संख्यात्मक जानकारी को संसाधित करने की क्षमता को प्रभावित करता है। यह फोन नंबर याद रखने, दूरी का अंदाजा लगाने, ग्राफ पढ़ने या साधारण रेसिपी का पालन करने में कठिनाई के रूप में प्रकट हो सकता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि जब तारा सुतारिया जैसी सार्वजनिक हस्तियां लर्निंग डिसेबिलिटी के बारे में बात करती हैं, तो यह समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने में मदद करता है। सालों तक, संख्याओं के साथ संघर्ष करने वाले लोगों को अक्सर 'कम बुद्धिमान' या 'आलसी' करार दिया जाता था। एक सफल पेशेवर के साथ इस स्थिति को जोड़कर, चर्चा अब बौद्धिक क्षमता से हटकर सहायक रणनीतियों की आवश्यकता की ओर मुड़ गई है।

डिस्केलकुलिया किसी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता को परिभाषित नहीं करता है; इस स्थिति से प्रभावित कई व्यक्ति रचनात्मक, मौखिक या दृश्य कौशल में असाधारण होते हैं।

वयस्क जीवन में डिस्केलकुलिया को प्रबंधित करने के लिए तकनीक और संरचित आदतों के संयोजन की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञ स्मार्टफोन ऐप, डिजिटल रिमाइंडर और जटिल संख्यात्मक कार्यों को छोटे चरणों में विभाजित करने का सुझाव देते हैं। पेशेवर माहौल में, मौखिक निर्देशों के बजाय लिखित निर्देशों की मांग करना चिंता और गलतियों को काफी कम कर सकता है।

क्या आप जानते हैं?: डिस्केलकुलिया को अक्सर 'नंबर डिस्लेक्सिया' कहा जाता है क्योंकि यह प्रतीकों और मात्राओं के प्रसंस्करण को उसी तरह प्रभावित करता है जैसे डिस्लेक्सिया अक्षरों और शब्दों को प्रभावित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या डिस्केलकुलिया का मतलब है कि व्यक्ति का आईक्यू (IQ) कम है?
नहीं, डिस्केलकुलिया एक विशिष्ट सीखने की अक्षमता है। इस स्थिति वाले लोग अक्सर कला, भाषा या तर्क जैसे अन्य क्षेत्रों में सामान्य या श्रेष्ठ बुद्धिमत्ता रखते हैं।

प्रश्न 2: डिस्केलकुलिया का निदान कैसे किया जा सकता है?
निदान के लिए एक मनोवैज्ञानिक या न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट से पेशेवर मूल्यांकन की आवश्यकता होती है ताकि विशिष्ट संख्यात्मक कमियों की पहचान की जा सके।