हाई ब्लड प्रेशर अब केवल खराब जीवनशैली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जेनेटिक भी हो सकता है। विशेषज्ञों ने बताया है कि कैसे माता-पिता के जीन बच्चों में हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ा सकते हैं।
- उच्च रक्तचाप (Hypertension) जेनेटिक हो सकता है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाता है।
- स्वस्थ जीवनशैली के बावजूद कुछ लोगों में पारिवारिक इतिहास के कारण बीपी बढ़ सकता है।
- 120/80 mm Hg से अधिक बीपी को जोखिम की श्रेणी में रखा जाता है।
- नियमित जांच और जीवनशैली में बदलाव के जरिए इस जोखिम को कम किया जा सकता है।
उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) आज के समय की एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। पहले यह बीमारी केवल उम्रदराज लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाई बीपी न केवल हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थितियों का मुख्य कारण भी बनता है।
अक्सर यह माना जाता है कि हाई बीपी केवल गलत खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली का परिणाम है। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें जेनेटिक फैक्टर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि आपके माता-पिता में से किसी एक या दोनों को उच्च रक्तचाप की समस्या है, तो आपको भी इस बीमारी के होने की संभावना अधिक रहती है।
जेनेटिक्स और हाइपरटेंशन का संबंध
दिल्ली के मेदांता मेडिसिटी मूलचंद अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर वाले माता-पिता अपने बच्चों को ऐसे जीन दे सकते हैं जो भविष्य में रक्तचाप बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ व्यक्ति का आहार संतुलित है और वह शारीरिक रूप से सक्रिय है, फिर भी उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है। यह स्पष्ट रूप से आनुवंशिक प्रभाव को दर्शाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में गैर-संचारी रोगों (NCDs) का बोझ बढ़ रहा है। जब कोई बीमारी जेनेटिक होती है, तो केवल बाहरी बदलाव काफी नहीं होते; इसके लिए 'अर्ली डिटेक्शन' या समय पर पहचान अनिवार्य हो जाती है। यदि परिवार में इतिहास है, तो स्क्रीनिंग की उम्र कम कर देनी चाहिए ताकि समय रहते बचाव किया जा सके।
"जेनेटिक प्रवृत्तियाँ आपके शरीर की संवेदनशीलता को बढ़ाती हैं, लेकिन एक अनुशासित जीवनशैली उस जोखिम को काफी हद तक नियंत्रित कर सकती है।"
ब्लड प्रेशर के मानक: क्या है सामान्य?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, रक्तचाप के स्तर को निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है:
| श्रेणी | सिस्टोलिक (ऊपरी) | डायस्टोलिक (निचला) | स्थिति |
|---|---|---|---|
| सामान्य (Normal) | 120 mm Hg से कम | 80 mm Hg से कम | स्वस्थ |
| स्टेज 1 हाइपरटेंशन | 130-139 mm Hg | 80-89 mm Hg | जोखिम/निगरानी |
| स्टेज 2 हाइपरटेंशन | 140 mm Hg या अधिक | 90 mm Hg या अधिक | दवाओं की आवश्यकता |
बचाव के प्रभावी उपाय
डॉ. तरुण कुमार सलाह देते हैं कि यदि आपके परिवार में हाई बीपी का इतिहास है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:
- वजन नियंत्रण: शरीर का वजन संतुलित रखने से हृदय पर दबाव कम होता है।
- नमक का कम सेवन: सोडियम की अधिक मात्रा बीपी बढ़ाती है।
- शारीरिक सक्रियता: प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तेज चलना या व्यायाम करना।
- व्यसनों से दूरी: धूम्रपान और शराब का सेवन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या जेनेटिक हाई बीपी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है?
उत्तर: जेनेटिक प्रवृत्ति को बदला नहीं जा सकता, लेकिन सही आहार, व्यायाम और यदि आवश्यक हो तो दवाओं के माध्यम से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
प्रश्न 2: बीपी चेक कराने का सही समय क्या है?
उत्तर: यदि पारिवारिक इतिहास है, तो 20 वर्ष की आयु के बाद साल में कम से कम एक बार नियमित जांच करानी चाहिए।