गुजरात में कई दंपत्तियों को सख्त आयु सीमा के कारण IVF उपचार बीच में ही छोड़ना पड़ रहा है। डॉक्टर अब इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या उम्र के बजाय स्वास्थ्य के आधार पर इलाज मिलना चाहिए।

  • गुजरात में ART कानूनों के तहत आयु सीमा समाप्त होने के कारण कई जोड़ों का इलाज बीच में ही रुक गया।
  • मेडिकल विज्ञान मेनोपॉज के बाद भी डोनर एग्स के जरिए गर्भावस्था संभव बनाता है, लेकिन जोखिम बढ़ जाते हैं।
  • बहस इस बात पर है कि पात्रता निश्चित आयु पर आधारित होनी चाहिए या व्यक्तिगत स्वास्थ्य जांच पर।

प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में एक गंभीर कानूनी और नैतिक संघर्ष सामने आया है। गुजरात में कई दंपत्तियों ने शिकायत की है कि जैसे ही उनमें से एक साथी निर्धारित कानूनी आयु सीमा को पार करता है, उनका IVF चक्र बीच में ही रोक दिया जाता है। यह स्थिति भारत के असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) कानून पर सवाल खड़े करती है, जो उपचार के लिए एक निश्चित आयु सीमा तय करता है।

एक मामले में, एक महिला 47 वर्ष और उसके पति 54 वर्ष के थे जब उन्होंने पहला IVF चक्र शुरू किया। जब वे दूसरे प्रयास की तैयारी कर रहे थे, तब पति की उम्र 55 वर्ष हो गई—जो कि भारतीय कानून के तहत पुरुषों के लिए ऊपरी आयु सीमा है। इस कारण उन्हें इलाज रोकने पर मजबूर होना पड़ा। यह घटना दिखाती है कि कैसे कानूनी नियम चिकित्सा प्रगति के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक कानूनी विवाद नहीं है, बल्कि जैविक क्षमता और नैतिक विनियमन के बीच का टकराव है। आंध्र प्रदेश की एरामट्टी मंगयम्मा का उदाहरण, जो 74 वर्ष की आयु में जुड़वां बच्चियों की मां बनीं, यह साबित करता है कि गर्भाशय मेनोपॉज के बाद भी गर्भावस्था का समर्थन कर सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या 'संभव' होने का मतलब हमेशा 'अनुमत' होना चाहिए?

"तकनीकी रूप से गर्भवती होने में सक्षम होने का मतलब यह नहीं है कि अत्यधिक उन्नत आयु में गर्भावस्था चिकित्सकीय रूप से कम जोखिम वाली है।" - डॉ. नीलम सूरी, वरिष्ठ सलाहकार, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल।

डॉ. नीलम सूरी के अनुसार, अंडे और गर्भाशय के बीच का अंतर समझना जरूरी है। मेनोपॉज के बाद अंडाशय अंडे बनाना बंद कर देते हैं, लेकिन हार्मोनल तैयारी के माध्यम से गर्भाशय अभी भी भ्रूण को स्वीकार कर सकता है। हालांकि, 60 या 70 की उम्र में गर्भावस्था हृदय, गुर्दे और रक्त वाहिकाओं पर अत्यधिक दबाव डालती है, जिससे प्री-एक्लेम्पसिया और जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा, जोखिम केवल माँ तक सीमित नहीं हैं। अधिक उम्र में गर्भावस्था से समय से पहले जन्म (प्रीमैच्योर बर्थ) और जन्म के समय कम वजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि डोनर एग्स का उपयोग आनुवंशिक जोखिमों को कम करता है, लेकिन माँ का शारीरिक स्वास्थ्य सबसे बड़ी चुनौती बना रहता है।

कारकप्राकृतिक गर्भावस्था (मेनोपॉज से पहले)IVF गर्भावस्था (मेनोपॉज के बाद)
अंडे का स्रोतस्वयं के अंडाशयआमतौर पर डोनर एग्स
गर्भाशय की स्थितिप्राकृतिक चक्रहार्मोनल तैयारी आवश्यक
जोखिम स्तरसामान्य आयु-संबंधितउच्च (हृदय और मेटाबॉलिक)
कानूनी स्थितिअप्रतिबंधितART आयु सीमा के अधीन
क्या आप जानते हैं?: अंडाशय द्वारा अंडे बनाना बंद करने के बाद भी गर्भाशय हार्मोनल उत्तेजना के प्रति प्रतिक्रिया दे सकता है, जिससे शरीर के भीतर ही 'सरोगेसी जैसा' अनुभव संभव हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: भारत में IVF के लिए वर्तमान आयु सीमा क्या है?
विशिष्ट दिशा-निर्देश अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन ART कानून माँ और बच्चे के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए ऊपरी आयु सीमा निर्धारित करता है।

प्रश्न 2: क्या मेनोपॉज के बाद प्राकृतिक रूप से गर्भधारण संभव है?
नहीं, मेनोपॉज के बाद ओव्यूलेशन बंद हो जाता है, जिससे प्राकृतिक गर्भधारण असंभव हो जाता है; हालांकि, डोनर एग्स के साथ IVF एक विकल्प है।