इन्फ्लुएंजा के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण ब्लड शुगर का स्तर अचानक बढ़ सकता है, भले ही आप कम खा रहे हों। जानिए मधुमेह रोगियों के लिए इसके जोखिम और बचाव के उपाय।

  • इन्फेक्शन से लड़ने के लिए शरीर 'स्ट्रेस हार्मोन' छोड़ता है, जो शुगर लेवल बढ़ाता है।
  • बीमारी के दौरान बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां बंद न करें।
  • डिहाइड्रेशन से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें।
  • फ्लू और न्यूमोकोकल वैक्सीन मधुमेह रोगियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित व्यक्तियों के लिए इन्फ्लुएंजा या फ्लू केवल एक सामान्य सर्दी-जुकाम नहीं है। अक्सर देखा गया है कि जब मरीज को फ्लू के लक्षण जैसे बुखार, खांसी और शरीर में दर्द होता है, तो उसका ब्लड शुगर स्तर सामान्य से काफी अधिक हो जाता है। आश्चर्य की बात यह है कि ऐसा तब भी होता है जब मरीज की भूख कम हो जाती है और वह बहुत कम भोजन कर रहा होता है।

डॉ. वी मोहन के अनुसार, इसका मुख्य कारण शरीर की जैविक प्रतिक्रिया है। जब शरीर किसी संक्रमण से लड़ता है, तो वह तनाव से निपटने के लिए 'स्ट्रेस हार्मोन' (जैसे कोर्टिसोल) रिलीज करता है। ये हार्मोन सीधे तौर पर लिवर को अधिक ग्लूकोज छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मधुमेह रोगियों में संक्रमण के दौरान शुगर का अनियंत्रित होना गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। यदि शुगर का स्तर बहुत अधिक या बहुत कम हो जाए, तो यह आपातकालीन स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए, बीमारी के दौरान ग्लूकोज की नियमित निगरानी करना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

बीमारी के दौरान केवल भोजन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है; शरीर के हार्मोनल बदलावों को समझना और दवाओं का सही प्रबंधन करना अनिवार्य है।

बीमारी के दौरान क्या करें और क्या न करें

अक्सर मरीज कम खाने के कारण अपनी मधुमेह की दवाइयां खुद ही कम या बंद कर देते हैं, जो कि बेहद खतरनाक हो सकता है। दवाइयों में कोई भी बदलाव केवल डॉक्टर के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए। इसके अलावा, बाजार में मिलने वाली कुछ सामान्य सर्दी-खांसी की दवाओं में ऐसे तत्व हो सकते हैं जो शुगर लेवल को और बिगाड़ सकते हैं।

स्थितिक्या करेंक्या न करें
भूख की कमीथोड़ा-थोड़ा करके तरल पदार्थ और सुपाच्य भोजन लेंबड़ी मील खाने के लिए खुद को मजबूर न करें
दवा का प्रबंधनडॉक्टर से 'सिक-डे प्लान' पूछेंबिना सलाह दवा बंद न करें
हाइड्रेशनपानी और इलेक्ट्रोल का सेवन करेंडिहाइड्रेशन को नजरअंदाज न करें

इन्फ्लुएंजा से बचने के लिए टीकाकरण (Vaccination) सबसे प्रभावी हथियार है। भारत में भी फ्लू के वायरस सक्रिय रहते हैं, इसलिए सालाना फ्लू शॉट और न्यूमोकोकल वैक्सीन लेना मधुमेह रोगियों के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है।

Frequently Asked Questions

1. क्या फ्लू के दौरान दवाइयां बंद कर देनी चाहिए?
नहीं, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा बंद न करें।

2. फ्लू के दौरान क्या पीना सबसे अच्छा है?
तरल पदार्थ जैसे पानी, सूप या ओआरएस (ORS) का सेवन करें ताकि डिहाइड्रेशन न हो।

Did You Know?: फ्लू के दौरान शरीर का तनाव स्तर बढ़ने से इंसुलिन की प्रभावशीलता कम हो सकती है।