मणिपाल अस्पताल कनकपुरा रोड ने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य के लिए एक एकीकृत '360° गट केयर' विभाग लॉन्च किया है, जो रोबोटिक सर्जरी से लेकर लिवर ट्रांसप्लांट तक की सुविधा प्रदान करेगा। यह पहल दक्षिण बेंगलुरु में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते बोझ को देखते हुए महत्वपूर्ण है।

  • मणिपाल अस्पताल कनकपुरा रोड ने एकीकृत '360° गट केयर' विभाग का शुभारंभ किया।
  • इसमें मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, जीआई ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी शामिल हैं।
  • अस्पताल को हाल ही में सरकार से लिवर ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक मंजूरी मिली है।

बेंगलुरु, भारत: दक्षिण बेंगलुरु के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव लाते हुए, मणिपाल अस्पताल कनकपुरा रोड ने अपने नए व्यापक गैस्ट्रोसाइंसेज विभाग, '360° गट केयर' की घोषणा की है। यह पहल पाचन तंत्र (Gastrointestinal) से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों, जैसे फैटी लिवर, सूजन संबंधी आंत्र रोग (IBD) और जीआई कैंसर के जवाब में शुरू की गई है।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा के निदेशक डॉ. रजनी एम और प्रसिद्ध कन्नड़ फिल्म अभिनेता श्रीधर द्वारा किया गया। इस नए विभाग का उद्देश्य मरीजों को एक ही छत के नीचे प्रारंभिक स्क्रीनिंग, सटीक निदान, उन्नत रोबोटिक सर्जरी और दीर्घकालिक प्रबंधन प्रदान करना है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी जीवनशैली के कारण भारत में मेटाबॉलिक और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों में तेजी से वृद्धि हो रही है। डॉ. वीरेंद्र संदुर, सलाहकार - मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ने बताया कि फैटी लिवर और क्रोहन रोग जैसी बीमारियां अब आम होती जा रही हैं। '360° गट केयर' मरीजों को अलग-अलग विशेषज्ञों के पास भटकने के बजाय एक एकीकृत देखभाल मार्ग (integrated care pathway) प्रदान करता है।

रोबोटिक सर्जरी सर्जन को वह स्पष्टता और सटीकता प्रदान करती है जो नग्न आंखों से संभव नहीं है, जिससे जटिल सर्जरी भी सुरक्षित हो जाती है।

अस्पताल के क्लस्टर निदेशक मोहन हरिहरन ने इस बात पर जोर दिया कि यह सेटअप न केवल दक्षिण बेंगलुरु बल्कि व्यापक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अस्पताल को हाल ही में सरकार से लिवर ट्रांसप्लांट के लिए महत्वपूर्ण मंजूरी मिली है, जो इस कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान करती है।

तकनीकी श्रेष्ठता और रोबोटिक सर्जरी

सर्जरी के क्षेत्र में, डॉ. गिरीश एस पी ने बताया कि रोबोटिक तकनीक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मामलों के इलाज में क्रांतिकारी है। रोबोटिक प्रणाली से मिलने वाला बेहतर विजन सर्जन को अत्यधिक सटीकता के साथ काम करने की अनुमति देता है, जिससे रिकवरी तेज होती है और जोखिम कम होता है।

ऐतिहासिक संदर्भ: भारत में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य का विकास

पिछले दशक में, भारत में आहार संबंधी आदतों में बदलाव के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों के मामले में भारी वृद्धि देखी गई है। पहले जहां उपचार केवल लक्षणों तक सीमित था, वहीं अब उन्नत तकनीक जैसे रोबोटिक सर्जरी और लिवर प्रत्यारोपण ने उपचार के परिणामों को बदल दिया है।

क्या आप जानते हैं?: मानव शरीर का 'गट' (आंत) न केवल पाचन करता है, बल्कि यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) का एक मुख्य हिस्सा भी है।

Frequently Asked Questions

1. मणिपाल अस्पताल का '360° गट केयर' क्या है?
यह एक एकीकृत विभाग है जो पाचन संबंधी समस्याओं के लिए स्क्रीनिंग, सर्जरी, कैंसर उपचार और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर प्रदान करता है।

2. रोबोटिक सर्जरी के क्या फायदे हैं?
रोबोटिक सर्जरी अधिक सटीकता, बेहतर दृश्यता और कम चीरा प्रदान करती है, जिससे मरीज जल्दी ठीक हो सकते हैं।