दिल्ली में नकली 'अभयराब' रेबीज वैक्सीन के संदिग्ध बैच मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच में पाया गया है कि ये शीशियां असली बैच नंबर का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह कर रही थीं।
- दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक अवैध परिसर से नकली 'अभयराब' रेबीज वैक्सीन की शीशियां बरामद की गईं।
- सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (CDL) ने इन नमूनों को 'मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं' और 'गलत ब्रांडेड' घोषित किया है।
- असली बैच नंबर KE25012 का उपयोग करके नकली उत्पाद बेचे जाने का संदेह है।
- भारतीय इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL) ने नकली उत्पाद बनाने से साफ इनकार किया है।
रेबीज एक ऐसी घातक बीमारी है जिसमें गलती की गुंजाइश शून्य होती है। हाल ही में दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक अवैध आवासीय परिसर से जब्त किए गए 'अभयराब' (Abhayrab) रेबीज वैक्सीन के नमूनों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और जांच एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (CDL), कसौली की जांच में इन शीशियों को न केवल 'मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं' (Not of Standard Quality) पाया गया, बल्कि इन्हें 'गलत ब्रांडेड' (Misbranded) भी घोषित किया गया है।
यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि जब्त की गई शीशियों पर असली बैच नंबर KE25012 अंकित था। जांच का मुख्य केंद्र अब यह है कि क्या किसी व्यक्ति ने, जिसे रेबीज का खतरा था, अनजाने में यह प्रभावहीन वैक्सीन लगवा ली है। यदि ऐसा हुआ है, तो वह व्यक्ति बिना किसी सुरक्षा के इस जानलेवा बीमारी के प्रति असुरक्षित हो सकता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि नकली दवाओं का बाजार न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह सीधे तौर पर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ है। रेबीज के मामले में, जहां समय पर टीकाकरण ही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है, वहां एक नकली उत्पाद 'सुरक्षा का भ्रम' पैदा करता है, जो घातक साबित हो सकता है।
रेबीज वैक्सीन की प्रभावशीलता का स्तर बहुत महत्वपूर्ण है; एक नकली उत्पाद न केवल उपचार में विफल रहता है, बल्कि रोगी को जीवन रक्षक चिकित्सा से वंचित भी कर देता है।
भारतीय इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL), जो अपने 'ह्यूमन बायोलॉजिकल्स इंस्टीट्यूट' (HBI) के माध्यम से इस वैक्सीन का निर्माण करती है, ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इन नकली शीशियों का निर्माण नहीं किया है। कंपनी के अनुसार, उनके असली बैच KE25012 की 83,370 शीशियां पूरी तरह से जांच के बाद अधिकृत वितरण नेटवर्क के माध्यम से जारी की गई थीं। लैब परीक्षणों में नकली शीशियों और असली नमूनों के बीच 17 प्रमुख अंतर पाए गए हैं, जिनमें पैकेजिंग, लेबलिंग, क्यूआर-कोड और कैप का रंग शामिल है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह पहली बार नहीं है जब नकली रेबीज वैक्सीन की समस्या सामने आई है। 2025 में भी बैच KA24014 से संबंधित एक संदिग्ध मामला सामने आया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य चेतावनियां जारी की गई थीं। हालांकि, वर्तमान मामले में CDSCO ने पुष्टि की है कि KE25012 बैच का कोई भी हिस्सा विदेश नहीं भेजा गया था, जिससे यह मामला मुख्य रूप से घरेलू स्तर पर सीमित प्रतीत होता है।
| विशेषता (Feature) | असली अभयराब (Genuine) | जब्त नमूना (Seized Sample) |
|---|---|---|
| बैच नंबर | KE25012 | KE25012 (Duplicate) |
| गुणवत्ता (Quality) | मानक (Standard) | गैर-मानक (Non-Standard) |
| पैकेजिंग/लेबलिंग | सटीक और प्रमाणित | 17 विसंगतियां पाई गईं |
| वितरण (Distribution) | अधिकृत नेटवर्क | अवैध परिसर (मुखर्जी नगर) |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या असली 'अभयराब' वैक्सीन सुरक्षित है?
उत्तर: हाँ, निर्माता के अनुसार असली बैच KE25012 पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है। जांच केवल नकली उत्पाद की है जो इस नंबर का उपयोग कर रहा है।
प्रश्न 2: यदि मुझे संदेह है कि मैंने नकली वैक्सीन ली है, तो क्या करें?
उत्तर: तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उन्हें बैच नंबर की जानकारी दें ताकि वैकल्पिक चिकित्सा उपचार शुरू किया जा सके।