डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि पैकेट बंद खाद्य पदार्थों के मामले में स्वाद और रंग खराब होने का इंतजार न करें। नवी मुंबई में खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट बदलने के बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है।
- स्वाद और गंध एक्सपायर्ड भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विश्वसनीय संकेतक नहीं हैं।
- नवी मुंबई में खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट बदलने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है।
- 'बेस्ट बिफोर' और 'एक्सपायरी डेट' के बीच का अंतर समझना अत्यंत आवश्यक है।
- दूषित भोजन से गंभीर संक्रमण और निर्जलीकरण (dehydration) का खतरा हो सकता है।
अक्सर हम सोचते हैं कि यदि चिप्स, नूडल्स या मेयोनेज़ का पैकेट देखने में ठीक लग रहा है और उसका स्वाद भी सामान्य है, तो वह खाने योग्य है। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस धारणा को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पैकेट बंद भोजन के मामले में स्वाद और दिखावट सुरक्षा के सटीक पैमाने नहीं हैं।
यह मुद्दा तब और भी संवेदनशील हो गया जब महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और नवी मुंबई पुलिस ने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया। अधिकारियों ने लगभग 76 लाख रुपये मूल्य के खाद्य उत्पादों को जब्त किया, जिनमें स्नैक्स, नूडल्स, सूप और सॉफ्ट ड्रिंक्स शामिल थे। इस रैकेट में ब्रांडेड उत्पादों की निर्माण और एक्सपायरी तारीखों को मिटाकर नई तारीखें लगाई जा रही थीं, जिससे उपभोक्ताओं की जान जोखिम में पड़ रही थी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि खाद्य सुरक्षा केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लेबलिंग की ईमानदारी पर भी निर्भर करती है। जब अपराधी एक्सपायरी डेट के साथ छेड़छाड़ करते हैं, तो वे वास्तव में उपभोक्ता के पास मौजूद सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारी को ही छीन लेते हैं।
'खतरा यह है कि उपभोक्ता को जीभ के माध्यम से कोई चेतावनी नहीं मिलती; कुछ बैक्टीरिया और टॉक्सिन स्वाद को बदले बिना ही शरीर को नुकसान पहुँचा सकते हैं।' - डॉ. निखिल पांडा
कोलकाता स्थित जनरल फिजिशियन डॉ. निखिल पांडा बताते हैं कि पैकेट बंद भोजन को लंबे समय तक स्थिर रखने के लिए प्रिजर्वेटिव्स और सीलिंग का उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि भोजन खराब होने के बावजूद उसका स्वाद नहीं बदलता। चिप्स और बिस्कुट जैसे खाद्य पदार्थों में मौजूद वसा (fats) धीरे-धीरे ऑक्सीकृत (oxidize) होने लगते हैं, जिससे उनकी पोषण गुणवत्ता कम हो जाती है, भले ही वे स्वाद में सामान्य लगें।
विशेषज्ञों ने 'बेस्ट बिफोर' (Best Before) और 'एक्सपायरी डेट' (Expiry Date) के बीच अंतर स्पष्ट किया है। 'बेस्ट बिफोर' गुणवत्ता के बारे में बताता है, जबकि 'एक्सपायरी डेट' सुरक्षा की अंतिम सीमा है। FSSAI के नियमों के अनुसार, एक्सपायरी डेट के बाद किसी भी खाद्य पदार्थ की बिक्री या वितरण प्रतिबंधित है।
| विशेषता | बेस्ट बिफोर (Best Before) | एक्सपायरी/यूज़ बाय (Expiry/Use By) |
|---|---|---|
| मुख्य ध्यान | खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता और स्वाद पर | खाद्य उत्पाद की सुरक्षा पर |
| उपयोग | गुणवत्ता के घटने के बाद भी सुरक्षित हो सकता है | इस तिथि के बाद उपयोग करना असुरक्षित है |
दूषित भोजन के सेवन से मतली, उल्टी, पेट में ऐंठन और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए यह और भी घातक हो सकता है। तापमान, नमी और धूप जैसे कारक भोजन के खराब होने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं, इसलिए केवल पैकेट की स्थिति पर भरोसा न करें।
Frequently Asked Questions
1. क्या 'बेस्ट बिफोर' डेट निकलने के बाद खाना खाना सुरक्षित है?
हाँ, आमतौर पर 'बेस्ट बिफोर' गुणवत्ता से संबंधित है, लेकिन उत्पाद को सावधानी से जांचना चाहिए। हालांकि, 'एक्सपायरी डेट' के मामले में जोखिम नहीं लेना चाहिए।
2. एक्सपायरी डेट बदलने वाले रैकेट से कैसे बचें?
हमेशा पैकेट की सील और प्रिंटिंग की गुणवत्ता की जांच करें। यदि तारीखें धुंधली या मिटाई हुई लगें, तो उसे न खरीदें।